बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार की राजधानी पटना में एसटीएफ और जिला पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से एक बड़ी हिंसक साजिश को नाकाम करते हुए 17 हथियारबंद शातिर अपराधियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। ये सभी अपराधी डीएसपी सदर-टू रंजन कुमार के बैरिया बस स्टैंड स्थित कार्यालय के ठीक सामने 37 कट्ठा की बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जा करने पहुंचे थे। इस पूरी जमीन की बाजार में अनुमानित मूल्य लगभग 37 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से सघन तलाशी के दौरान 3 देशी पिस्तौल, 4 जिंदा कारतूस, 1 काले रंग की स्कॉर्पियो, 1 उजले रंग की स्विफ्ट डिजायर, 1 उजले रंग की एक्सयूवी-500 लग्जरी गाड़ी, 15 टच स्क्रीन मोबाइल फोन व एक कीपैड मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पुलिस ने इन सभी अवैध सामानों और वाहनों को मौके पर ही जब्त कर लिया है।
पुलिस की गिरफ्त में आए 17 अपराधियों की पहचान हो चुकी है। जो विभिन्न जिलों के रहने वाले हैं। इनमें पटना के पुनपुन निवासी विकास कुमार, नौबतपुर निवासी अमित कुमार व अमन कुमार, अदालतगंज निवासी मो.आलम, बेऊर निवासी निलेश कुमार, अनिसाबाद निवासी विशाल कुमार व गौतम कुमार, मनेर निवासी रोहित कुमार, बिट्टू, मणिकांत, सोनू व रोहित और दुल्हिन बाजार निवासी अजीत कुमार व रोहित कुमार, रोहतास निवासी आनंद कुमार, नालंदा निवासी राजवीर कुमार सिंह और धनबाद निवासी सुमन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस पूरे भूमि माफिया गिरोह का मुख्य सरगना सारण जिले के दिघवारा का रहने वाला कुख्यात शैलेश मुखिया है, जो फिलहाल पुलिस को चकमा देकर मौके से फरार होने में सफल रहा है। शैलेश मुखिया के सीधे निर्देश और कहने पर ही ये सभी शूटर व अपराधी भारी मात्रा में हथियार लेकर इस कीमती जमीन पर जबरन कब्जा करने के लिए राजधानी पटना पहुंचे थे।

स्थानीय प्रापर्टी डीलरों के मुताबिक, राजधानी पटना में बैरिया बस स्टैंड के मुख्य मार्ग पर स्थित इस इलाके में फिलहाल एक कट्ठा जमीन की कीमत लगभग एक करोड़ रुपये के आसपास है। इस लिहाज से भू-माफियाओं द्वारा टारगेट की गई इस पूरी 37 कट्ठा विवादित जमीन की कुल बाजार मूल्य लगभग 37 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसी बड़ी रकम के लालच में भू-माफिया गिरोह एक्टिव हुआ था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह विवादित और कीमती जमीन सीधे डीएसपी सदर-टू रंजन कुमार के बैरिया बस स्टैंड स्थित सरकारी कार्यालय के ठीक सामने है। सरगना शैलेश मुखिया ने एक स्थानीय महिला से इस जमीन का तथाकथित एग्रीमेंट कराया था। कब्जा करने के दौरान वहां बड़े पैमाने पर गैंगवार और खून-खराबा होने की पुख्ता इनपुट एसटीएफ को पूर्व में ही मिल गई थी। इनपुट मिलते ही पटना एसटीएफ और रामकृष्णानगर थाने की पुलिस ने बिना समय गंवाए पूरे चिन्हित इलाके की चौतरफा रणनीतिक घेराबंदी कर ली। पुलिस ने प्रथम चरण में मौके से 10 मुख्य आरोपियों को खदेड़कर दबोच लिया। इसके बाद जब पकड़े गए अपराधियों से थाने में कड़ी पूछताछ की गई, तो उनकी निशानदेही पर 7 और सह-आरोपियों के नाम सामने आए, जिन्हें पटना के विभिन्न ठिकानों से छापेमारी कर पकड़ा गया है।

सिटी पुलिस अधीक्षक पूर्वी शैलजा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि ये सभी भू-माफिया जमीन कब्जा करने के लिए हथियारों के साथ एक जगह एकत्र हुए थे। इन लोगों ने एक महिला को बेहद कम रकम का लालच देकर जमीन का एक संदिग्ध एग्रीमेंट अपने पक्ष में कराया था। सिटी पुलिस अधीक्षक शैलजा ने स्पष्ट किया कि उक्त महिला वास्तव में जमीन की मालकिन है या नहीं, इस कानूनी पहलू और बरामद लग्जरी गाड़ियों के कागजात की गहन वैज्ञानिक जांच की जा रही है। भू-माफिया सरगना शैलेश मुखिया की गिरफ्तारी के लिए सारण व पटना में छापेमारी जारी है।











