नगर निगम अमृतसर (एमसीए) के आयुक्त बिक्रमजीत सिंह शेरगिल के निर्देशों तथा अतिरिक्त नगर आयुक्त डॉ. जय इंदर सिंह के मार्गदर्शन में एस्टेट विभाग द्वारा पुरानी सब्ज़ी मंडी और उपायुक्त (डीसी) निवास के बाहर विशेष एंटी-एन्क्रोचमेंट अभियान चलाया गया।
यह कार्रवाई सचिव-सह-एस्टेट अधिकारी सुषांत भाटिया तथा एस्टेट अधिकारी धर्मिंदरजीत सिंह की निगरानी में की गई। अभियान में इंस्पेक्टर प्रीति चौहान और इंस्पेक्टर अमन कुमार सहित एस्टेट विभाग की टीम ने भाग लिया।
अभियान के दौरान सड़कों, गलियों और फुटपाथों पर अवैध रूप से कब्जा करके बैठे कई रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं को हटाया गया, जो आम जनता की आवाजाही और यातायात में बाधा उत्पन्न कर रहे थे। इसके अतिरिक्त, डीसी निवास के बाहर लगाए गए अवैध कैनोपी, शेड और अस्थायी ढांचे भी हटाए गए। मौके से सामान जब्त कर लिया गया।
नगर आयुक्त बिक्रमजीत सिंह शेरगिल ने कहा कि नगर निगम की अवैध कब्जों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति है और सार्वजनिक स्थानों पर किसी भी प्रकार का अवैध अतिक्रमण किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सड़कें और फुटपाथ आम नागरिकों की सुविधा के लिए हैं और इन्हें अवरुद्ध करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

अतिरिक्त नगर आयुक्त डॉ. जय इंदर सिंह ने कहा कि अतिक्रमणकारियों को पहले भी कई बार चेतावनी दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद नियमों का उल्लंघन जारी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी शहर के सभी क्षेत्रों में नियमित रूप से ऐसे अभियान चलाए जाएंगे और आदतन उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एस्टेट विभाग ने सभी अतिक्रमणकारियों को चेतावनी दी कि वे स्वयं अपने अवैध कब्जे हटा लें। निगम ने यह भी स्पष्ट किया कि एंटी-एन्क्रोचमेंट अभियान के दौरान जब्त किया गया सामान वापस नहीं किया जाएगा तथा दोबारा उल्लंघन करने पर संबंधित कानूनों के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम अमृतसर ने दुकानदारों, रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं और आम नागरिकों से अपील की कि वे शहर की सड़कों और फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त रखने तथा स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित अमृतसर के निर्माण में प्रशासन का सहयोग करें।






