बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार में इंटरनेट मीडिया के दुरुपयोग, फर्जी खबरों, महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध और समाज में तनाव फैलाने वाली गतिविधियों पर बिहार पुलिस ने अब सख्ती बढ़ा दी है। साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई की ओर से जनवरी 2026 से अब तक इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर चलाए गए विशेष अभियान में 475 एफआईआर दर्ज की गई हैं। जबकि, 103 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। इस दौरान 1,320 आपत्तिजनक पोस्ट और यूआरएल हटवाए गए तथा 529 फर्जी इंटरनेट मीडिया आइडी और हैंडल बंद कराए गए हैं। इसके साथ ही, 692 कानूनी नोटिस इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म को भेजे गए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म की 24 घंटे निगरानी की जा रही है। तकनीकी विश्लेषण व डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर राज्य के साइबर थानों के सहयोग से त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। महिलाओं और बालिकाओं के नाम पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर अश्लील सामग्री प्रसारित करने, एआई आधारित डीपफेक फोटो और वीडियो बनाने, साइबर स्टाकिंग, आनलाइन उत्पीड़न, फर्जी खबरें फैलाने व सार्वजनिक व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री पोस्ट करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई के मुताबिक, संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों, न्यायपालिका और अन्य सार्वजनिक संस्थानों के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री प्रसारित करने वाले मामलों में भी लगातार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इंटरनेट मीडिया कंपनियों को आपत्तिजनक सामग्री हटाने के लिए नियमित रूप से कानूनी नोटिस भेजे जा रहे हैं। पुलिस की ओर से लोगों से अपील की है कि इंटरनेट का उपयोग जिम्मेदारी के साथ करें। फर्जी खबरें फैलाना, डीपफेक सामग्री तैयार करना, महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध करना या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री साझा करना दंडनीय अपराध है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इंटरनेट मीडिया के दुरुपयोग के खिलाफ जीरो टालरेंस की नीति आगे भी जारी रहेगी।








