लखनऊ : महानिदेशक कारागार प्रशासन एवं सुधार सेवाएं, उत्तर प्रदेश पी.सी. मीना द्वारा आज कारागार विभाग के समस्त उपमहानिरीक्ष कारागार, वरिष्ठ अधीक्षकों, अधीक्षकों एवं प्रभारी अधीक्षकों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश की कारागारों से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में न्यायालयों के समक्ष बंदियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी को और अधिक प्रभावी एवं सुगम बनाने के उद्देश्य से कारागारों में नवीन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) यूनिट स्थापित किए जाने की प्रगति की समीक्षा की गई। महानिदेशक ने निर्देश दिए कि सभी प्रस्तावित वीसी यूनिट निर्धारित समयसीमा के भीतर स्थापित कर उन्हें शीघ्र क्रियाशील बनाया जाए, जिससे बंदियों की पेशी प्रक्रिया अधिक दक्ष एवं सुरक्षित हो सके।
महानिदेशक ने कारागार परिसर में स्थित कर्मचारियों के आवासों की स्थिति की भी समीक्षा की तथा वार्षिक अनुरक्षण एवं उपलब्ध बजट का प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण उपयोग करते हुए आवासों एवं परिसर की आधारभूत सुविधाओं में सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में बंदियों के पुनर्वास एवं व्यक्तित्व विकास के उद्देश्य से संचालित सुधारात्मक कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। साथ ही कारागारों की सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ करने, संवेदनशील स्थलों पर सतत निगरानी बनाए रखने तथा सुरक्षा संबंधी मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। महानिदेशक ने कहा कि सुरक्षा एवं सुधार, दोनों कारागार प्रशासन की समान रूप से महत्वपूर्ण प्राथमिकताएँ हैं तथा इन दोनों क्षेत्रों में निरंतर गुणवत्ता वृद्धि सुनिश्चित की जाए।
बैठक में संबंधित अधिकारियों को सभी निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करते हुए नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में अपर महानिरीक्षक कारागार धर्मेन्द्र सिंह, उपमहानिरीक्षक कारागार प्रदीप गुप्ता, सुभाष शाक्य, पी.एन. पाण्डेय, डॉ. रामधनी, वित्त नियंत्रक आबिद अंसारी तथा वरिष्ठ अधीक्षक रंगबहादुर पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।











