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20 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निखारा गया है चिलुआताल को.

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गोरखपुर : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि चिलुआताल पर्यटन विकास परियोजना के अगले चरणों में चिलुआताल को रामगढ़ताल की तर्ज पर ईको टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स के बेहतरीन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

गोरखपुर के उत्तरी छोर पर स्थित प्राकृतिक झील चिलुआताल के पर्यटन विकास कार्यों का लोकार्पण करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे। 20 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से निखारे गए इस पर्यटन स्थल को जनता को समर्पित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अच्छी सरकारें, अच्छी चीजें लेकर आती हैं।

चिलुआताल में कोल इंडिया लिमिटेड के साथ मिलकर फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाने की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जा रहा है। इससे चिलुआताल में 20 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा। पूरे शहर की बिजली आपूर्ति यहां से संभव हो सकेगी। सोलर एनर्जी ग्रीन एनर्जी होती है, इससे किसी तरह का कार्बन उत्सर्जन नहीं होता। चिलुआताल में लगने वाला फ्लोटिंग सोलर प्लांट नेट जीरो के लक्ष्य को प्राप्त करने में भी सहयोग करेगा।

गोरखपुर में ईको टूरिज्म का प्रमुख केंद्र रामगढ़ताल ही था। पर, उसमें ड्रेनेज का पानी जाता था। रामगढ़ताल की सफाई कराई गई, ताल को डीसिल्ट किया गया। वहां आज भी पानी ट्रीटमेंट के बाद ही जाता है। यानी रामगढ़ताल का पानी पूरी तरह नेचुरल नहीं है, जबकि चिलुआताल का पानी नेचुरल है जो जंगलों से होकर आता है। खाद कारखाने के निर्माण में चिलुआताल को डीसिल्ट कर यहां से पानी दिया गया। सिल्ट का उपयोग निचले इलाकों के भराव में किया गया।

रामगढ़ताल की तरह चिलुआताल में भी वाटर स्पोर्ट्स की असीम संभावनाएं हैं। कुछ दिनों पहले रामगढ़ताल में नेशनल जूनियर रोइंग चैंपियनशिप का सफल आयोजन हुआ। इसमें 22 राज्यों के 200 से अधिक खिलाड़ी आए। सबने रामगढ़ताल की खूब सराहना की। अब जब लोग चिलुआताल को देखेंगे तो यह और भी अच्छा लगेगा। उन्होंने चिलुआताल के प्राकृतिक वातावरण की तारीफ करते हुए कहा कि चिलुआताल के किनारे लहरों से होकर आ रही हवा तापमान को कम कर सुखद एहसास करा रही है। यहां पर लोग परिवार के साथ आकर घूम सकते हैं। स्वास्थ्य लाभ ले सकते हैं। यहां न प्रदूषण है और न ही किसी प्रकार की अव्यवस्था।

सिटी डेवपलमेंन्ट प्लान से लोगों के मन में शहर की अच्छी धारणा बनती है। हमें गोरखपुर को सेफ और स्मार्ट सिटी के साथ ही सस्टेनेबल डेवलपमेंट वाली सिटी बनाना है। विकास की प्रक्रिया सतत बढ़ती रहेगी, लेकिन इसके संरक्षण की जिम्मेदारी नागरिकों की है। उन्होंने आमजन से विकास का संरक्षण करने, सार्वजनिक संपति का नुकसान न करने, ऐसा करने वालों को जेल भिजवाने और गंदगी न करने की अपील की। उन्होंने रामगढ़ताल की सफाई के दौरान 56 बोरी प्लास्टिक मिलने का जिक्र करते हुए आह्वान किया कि गोरखपुर को प्लास्टिक मुक्त और स्वच्छ-सुंदर शहर बनाने का संकल्प लेना होगा।

पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों के लोकार्पण अवसर पर भ्रमण कर घाट/नौका विहार का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने घाट परिसर में हरिशंकरी (पीपल, बरगद, पाकड़) का पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

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