लखनऊ – नकली (Spurious) एवं काउंटरफीट दवाओं के सिंडिकेट पर प्रभावी कार्यवाही करने हेतु विभाग का बड़ा विशेष प्रवर्तन अभियान ।
उत्तर प्रदेश राज्य में ‘काउंटरफीट और स्पूरियस’ दवाओं के पूरे नेटवर्क व सप्लाई चेन को जड़ से उखाड़ने के लिए विभाग द्वारा चलाए जा रहे व्यापक अभियान के क्रम में एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। औषधि प्रशासन एवं स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा दिनांक 16 जुलाई 2026 की रात्रि को लखनऊ के थाना बक्शी का तालाब (BKT) क्षेत्र के अंतर्गत किसान पथ, मामपुर खण्डंजा मार्ग पर एक सुनियोजित घेराबंदी कर भारी मात्रा में अवैध नकली जीवनरक्षक दवाओं का जखीरा बरामद किया गया है। इस संबंध में त्वरित कार्यवाही करते हुए विभाग द्वारा तीन मुख्य अभियुक्तों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में नामजद प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR No. 0278/2026) दर्ज कराई गई है, तथा मौके से एक अभियुक्त को पुलिस हिरासत में लिया गया है।

नकली दवाओं के अवैध भण्डारण, परिवहन और उन्हें अमीनाबाद दवा बाजार में खपाए जाने के संबंध में एक अत्यंत गोपनीय सूचना पर विभाग एवं पुलिस बल थाना बी. के. टी. की संयुक्त टीम द्वारा किसान पथ पर एक संदिग्ध ओमनी वैन (संख्या: UP32BW7091) को रोका गया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें भारी मात्रा में गत्तों के कार्टन में भरी दवाएं बरामद हुई। वाहन में सवार व्यक्ति भूपेन्द्र सिंह पुत्र रामकिशन सिंह निवासीः बाजार गांव पकरा, माल, लखनऊ तथा चालक अंकित शाहू से जब दवाओं के वैध लाइसेंस, क्रय-विक्रय बिल अथवा परिवहन संबंधी दस्तावेज मांगे गए, तो वे कोई भी विधिक प्रपत्र प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे। टीम ने तत्काल मौके पर बरामद दवाओं Alkasol Sugar Free 100ml (Disodium Hydrogen Citrate Solution) बैच सं LB126H156A1A (956 बॉटल) एवं LB126G129A1A (107 बॉटल) पर अंकित निर्माता फर्म M/s Stadmed Private Limited, सरोजनी नगर इंडस्ट्रियल एस्टेट, लखनऊ के गुणवत्ता नियंत्रण प्रबंधकों को बुलाकर मूल सैम्पल से मिलान कराया गया। बोतल के रंग, कैप का आकार, उस पर ‘PmP’ लोगो का न होना तथा लेबल की छपाई व फॉन्ट में भारी तकनीकी भिन्नताएं पाई गई, जिसके आधार पर निर्माताओं ने लिखित रूप में इसे नकली (Spurious) प्रमाणित किया । Mucaine Gel 200ml Mint Flavour (Anesthetic Antacid Gel) बैच संख्या 2620090E (848 बॉटल) पर अंकित निर्माता M/s Pfizer Limited, उप्पल, हैदराबाद की बहुराष्ट्रीय कंपनी फाइजर लि. की इस दवा के लेबल पर “30°C” के स्थान पर “30C”, “Teaspoonful” के स्थान पर “Teaspoonsful” तथा “Medical Practitioner” के स्थान पर “Medicinal Practitioner” जैसी गंभीर वर्तनी की त्रुटियां पाई गई, जो मूल कंपनी द्वारा किया जाना संभव नहीं है। इससे स्पष्ट है कि इन दवाओं का निर्माण किसी अवैध सिंडिकेट द्वारा अत्यंत असुरक्षित व अनाधिकृत स्थान पर कूटरचना के माध्यम से किया जा रहा था। Rubired 200ml (Ferrous Ascorbate, Folic Acid Suspension) बैच संख्या 18260226A (246 बॉटल) निर्माता फर्म M/s Macleods Pharmaceuticals Ltd., सिक्किम का विस्तृत भौतिक परीक्षण किया गया। आरोपी भूपेन्द्र सिंह द्वारा स्वीकार किया गया कि वह यह दवाएं अपने दूर के रिश्तेदार राज विक्रम सिंह पुत्र वीरेन्द्र सिंह निवासी रायपुर बाबू, महिगवां, लखनऊ तथा विनीत सिंह के निर्देश पर उनके द्वारा मामपुर बाना बी.के.टी. में किराए पर लिए गए एक मकान से निकालकर लखनऊ के मुख्य दवा बाजार अमीनाबाद में खपाने के लिए ले जा रहा था। उक्त कृत्य औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम, 1940 की धारा 18/27 के उल्लंघन के साथ-साथ आम जनमानस के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ व धोखाधड़ी की श्रेणी में आता है। इसके दृष्टिगत थाना बक्शी का तालाब, लखनऊ में औषधि निरीक्षक की तहरीर पर निम्न अभियुक्तों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की सुसंगत धाराओं धारा 318(4), 319(2), 276, 277, 278 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। तथा मौके पर भूपेन्द्र सिंह को गिरफ्तार किया गया।

जांच टीम द्वारा नियमानुसार संदिग्ध औषधियों के 04 वैधानिक नमूने संग्रहीत कर प्रयोगशाला जांच एवं विश्लेषण हेतु भेजे गए है शेष दवाओं को सीज किया गया जिसका मूल्य लगभग रुपये 4.37 लाख है। प्रयोगशाला से अंतिम विश्लेषणात्मक रिपोर्ट प्राप्त होने के उपरांत औषधि एवं प्रसाधन अधिनियम 1940 के तहत सक्षम न्यायालय में परिवाद दाखिल करने की अग्रिम विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस प्रशासन के सहयोग से फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु दबिश दी जा रही है।











