बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार में इनदिनों रेल क्षेत्र में मोबाइल चोरी की घटनाएं बढ़ गई है। पटना, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर, कटिहार सहित कई रेलवे स्टेशनों व ट्रेनों में मोबाइल चोरी की घटनाएं हो रही हैं। पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन पर रेल यात्रियों के मोबाइल चोरी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पटना जंक्शन स्थित राजकीय रेल थाना की पुलिस ने खुलासा किया है। रेल पुलिस ने गिरोह से जुड़े 8 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी के 8 टचस्क्रीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपित राजधानी पटना सहित राज्य के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। रेल पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क और इसके अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पूर्व मध्य रेल के पटना जंक्शन स्थित जीआरपी थाना की रेल पुलिस ने 25 सितंबर को पटना जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या 2/3 के पश्चिमी छोर पर आरओबी के नीचे छापेमारी की। जहां इस दौरान 8 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया। पकड़े गए आरोपितों में राजधानी पटना के 23 वर्षीय मो.जैकी एवं 19 वर्षीय अजीत कुमार फुलवारीशरीफ और 30 वर्षीय टिकू सहनी खगौल का रहने वाला है। जबकि, 28 वर्षीय मनोज कुमार (नालंदा), 22 वर्षीय आदित्य कुमार (रोहतास), 26 वर्षीय दीपक कुमार चौधरी (भागलपुर), 22 वर्षीय मो.महसूद अंसारी (कटिहार) और 20 वर्षीय रवि कुमार (वैशाली) के रहने वाले हैं। रेल पुलिस ने गिरफ्तार आरोपितों के पास से 8 टचस्क्रीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

रेल पुलिस अब इन मोबाइल फोन के वास्तविक स्वामियों का पता लगाने में जुटी है। बरामद मोबाइल के आधार पर यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ये फोन किन रेल यात्रियों से चोरी किए गए थे। इस मामले में पटना जंक्शन स्थित जीआरपी थाना में कांड संख्या-538/26 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 317(2), 317(4), 317(5) और 112(2) के तहत दर्ज की गई है। रेल पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार आरोपितों ने पटना जंक्शन के अलावा दूसरे रेलवे स्टेशनों पर भी मोबाइल चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है या नहीं, इसकी भी छानबीन की जा रही है।
रेल पुलिस को आशंका है कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग जिलों से पटना पहुंचते थे और भीड़भाड़ वाले रेलवे प्लेटफॉर्म पर रेल यात्रियों को निशाना बनाते थे। रेल यात्रियों की भीड़ के बीच मौका देखकर मोबाइल चोरी करने के बाद आरोपित वहां से निकल जाते थे। हालांकि, गिरोह के काम करने के तरीके और इसकी पूरी गतिविधियों को लेकर रेल पुलिस की जांच अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर रेल पुलिस को गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है। साथ ही, चोरी किए गए मोबाइल फोन को खपाने वाले लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
रेल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि चोरी के मोबाइल को कहां और किस माध्यम से बेचा जाता था। रेल पुलिस की गिरफ्त में आए 8 आरोपितों में राजधानी पटना के अलावा नालंदा, रोहतास, कटिहार, भागलपुर और वैशाली के रहने वाले अपराधी शामिल हैं। अलग-अलग जिलों से आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद रेल पुलिस इस पूरे मामले की जांच अंतरजिला नेटवर्क के एंगल से कर रही है। बरामद मोबाइल फोन के आधार पर पुराने मोबाइल चोरी के मामलों से भी कड़ी जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।








