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NIA कोर्ट का बड़ा एक्शन, लश्कर कमांडर मोहम्मद याकूब के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी

On: August 18, 2026 11:56 PM
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राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण एनआईए से जुड़े मामलों की सुनवाई करने वाली विशेष अदालत ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों में कथित संलिप्तता के मामले में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर मोहम्मद याकूब के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। अधिकारियों ने मंगलवार को एनआईए अदालत के आदेश का हवाला देते हुए यह जानकारी दी।

अधिकारियों के मुताबिक, याकूब के खिलाफ गैर-जमानती वारंट पिछले महीने जारी किया गया था। पाकिस्तानी मूल के घोषित आतंकवादी मोहम्मद याकूब को अबू सुमामा, सुमामा इलियास और वारिस अली जैसे नामों से भी जाना जाता है। वह लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख कमांडरों में शामिल बताया जाता है और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार पाकिस्तान से बैठकर जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को निर्देश और सहायता उपलब्ध कराता रहा है।

हाफिज सईद के बाद दूसरे लश्कर कमांडर पर कार्रवाई

मोहम्मद याकूब दूसरा शीर्ष लश्कर-ए-तैयबा कमांडर है, जिसके खिलाफ जम्मू की विशेष एनआईए अदालत ने आठ जुलाई के बाद गैर-जमानती वारंट जारी किया है। इससे पहले अदालत ने पहलगाम आतंकवादी हमले से जुड़े मामले में लश्कर-ए-तैयबा प्रमुख और आतंकी हाफिज सईद के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था।

अधिकारियों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 04 जुलाई को याकूब समेत 23 लोगों को आतंकवादी घोषित किया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, याकूब इस्लामाबाद के चट्टा बख्तावर इलाके में लश्कर-ए-तैयबा के अभियान कमांडर के तौर पर काम करता है। उस पर भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए कश्मीर में सक्रिय लश्कर के अन्य सदस्यों को वित्तीय और रसद सहायता उपलब्ध कराने का आरोप है।

यूएपीए के तहत आतंकवादी घोषित

याकूब को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी यूएपीए की धारा 35 के तहत आतंकवादी घोषित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, एनआईए ने श्रीनगर के एक थाने में दर्ज मामले की जांच के सिलसिले में अदालत से उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का अनुरोध किया था। इस मामले में यूएपीए के साथ-साथ शस्त्र अधिनियम और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धाराएं भी लगाई गई हैं।

जांच का संबंध 2026 की शुरुआत में गुर्जर टेंट, पंडाच इलाके में मोटरसाइकिल सवार मोहम्मद नकीब भट की गिरफ्तारी से है। अधिकारियों के मुताबिक, भट के पास से एक चीनी ग्रेनेड और 15 कारतूस बरामद किए गए थे। उसकी गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने देश के अलग-अलग हिस्सों तक फैले एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पता लगाने का दावा किया।

चार अन्य आतंकियों की गिरफ्तारी से खुला नेटवर्क

मोहम्मद नकीब भट की गिरफ्तारी के बाद मामले में चार अन्य आतंकवादियों को भी गिरफ्तार किया गया। इनमें दो पाकिस्तानी नागरिक अब्दुल्ला राजपूत उर्फ कामरान अहमद और खुबैब उर्फ उस्मान जट्ट शामिल हैं। पूछताछ और जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर एनआईए ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकी कमांडर मोहम्मद याकूब की कथित भूमिका की जांच शुरू की।

एनआईए ने अदालत को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से मिली जानकारी और जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों से याकूब की संलिप्तता सामने आई। एजेंसी का आरोप है कि याकूब ने गिरफ्तार आरोपियों को जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के निर्देश दिए थे।

सुरक्षा बलों और नागरिकों को निशाना बनाने का आरोप

जांच एजेंसी के मुताबिक, याकूब द्वारा दिए गए कथित निर्देशों में सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर हमले करना भी शामिल था। एनआईए का कहना है कि पाकिस्तान स्थित आतंकी नेतृत्व और घाटी में सक्रिय नेटवर्क के बीच संपर्क और सहायता की कड़ियों की जांच की जा रही है।

गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद अब जांच एजेंसियों के लिए याकूब की गिरफ्तारी एक महत्वपूर्ण चुनौती होगी, क्योंकि वह पाकिस्तान में मौजूद बताया जाता है। मामले की आगे की जांच में आतंकी नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों, हथियारों की आपूर्ति और सीमा पार से मिलने वाली सहायता से जुड़े पहलुओं को भी खंगाला जा सकता है।

एनआईए की कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब जम्मू-कश्मीर में आतंकी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं। याकूब के खिलाफ जारी वारंट से जांच एजेंसी को मामले में कथित सीमा-पार साजिश और स्थानीय नेटवर्क के बीच संबंधों की जांच आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

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