बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। जनता दल युनाइटेड यानी जद(यू.) के प्रदेश अध्यक्ष व महनार के विधायक उमेश सिंह कुशवाहा ने मंगलवार यानी 14 जुलाई को राजधानी पटना में कहा कि बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ‘नॉन-सीरियस’ नेता हैं। अपने पिताश्री की राजनीतिक विरासत को वह मटियामेट करने पर तुले हैं। नेता प्रतिपक्ष के आचार, विचार और व्यवहार से यह साफ झलकता है कि राजनीति उनके बस की बात नहीं है। कुशवाहा ने कहा कि लालू के छोटे लाल तेजस्वी यादव महज एक ‘पार्ट-टाइम राजनीतिज्ञ’ बनकर रह गए हैं। उनमें न तो अपने कार्यकर्ताओं के प्रति कोई गंभीरता दिखती है, न नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद के प्रति कोई जिम्मेदारी और न ही बिहार की जनता के प्रति कोई प्रतिबद्धता नजर आती है।

जद(यू.) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि तेजस्वी यादव की राजनीति अब सिर्फ सोशल मीडिया और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के सहारे चल रही है। उन्होंने कहा कि जो नेता अपनी ही दल के 30वें स्थापना दिवस समारोह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित करता हो, उसकी राजनीतिक अपरिपक्वता और गैर-गंभीरता स्वतः उजागर हो जाती है। वर्तमान में भीषण गर्मी से निजात पाने के लिए तेजस्वी यादव अपने परिवार के साथ विदेश (यूरोप) गए हुए हैं।

दूसरी ओर राजद के प्रदेश प्रवक्ता चित्तरंजन गगन का कहना है कि भाजपा-जद(यू.) के नेता जितना चिंतन तेजस्वी यादव और राजद को लेकर करते हैं, उसका 10वां अंश भी यदि राज्य की चिंता में लगाते तो बिहार की व्यवस्था ध्वस्त नहीं हुई होती। बहरहाल, एनडीए नेताओं की सारी ऊर्जा तेजस्वी यादव और लालू परिवार को गाली देने में खर्च हो जा रही है। उन्होंने कहा कि खजाना खाली है और अपराध चरम पर। भ्रष्टाचार का आलम यह है कि ईडी द्वारा बताया जा रहा कि टेंडर घोटाले में किस तरह कमीशन बंटा है। राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा कि आज कहीं पुल जलसमाधि ले रहा है तो कहीं सड़कें धंस रही है। वे आज कुछ भी बोलने की स्थिति में हीं नहीं हैं। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की समीक्षा बैठकें और घोषणाएं लगातार जारी है। लेकिन, परिणाम शून्य है। वैसे भी, लालू-तेजस्वी को गाली देने के सिवा वे और कर भी क्या सकते हैं। राजद प्रवक्ता चित्तरंजन गगन ने कहा कि अजीब विडंबना है कि 20 वर्षों से सत्ता में बैठे लोग अपनी हर विफलता पर विपक्षी दलों से सवाल पूछते हैं और अपनी नाकामियों का ठीकरा 20 वर्ष पूर्व की सरकार पर फोड़ते रहते हैं।











