बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। देश-दुनियां में महान समाजवदी नेता व झोपड़ी के लाल के रूप में मशहूर और मरनों परांत भारत रत्न से सम्मानित स्व.कर्पूरी ठाकुर के बड़े पुत्र वर्तमान में नमो सरकार के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने गुरुवार यानी 22 अक्टूबर को समस्तीपुर जिले के कोठिया पंचायत सरकार भवन में आयोजित सरकार की एक योजना ’खेत बचाओ अभियान सह किसान चौपाल’ कार्यक्रम के सरकारी मंच से ही देश भर के कृषि वैज्ञानिकों व अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि किसानों के हित के लिए केंद्र व राज्य सरकार काफी योजनाएं चला रखी है और इस पर काफी रूपये खर्च भी हो रहे हैं। लेकिन, जमीनी स्तर पर इसका सही फायदा किसानों को नही मिल पा रहा है। आप सब लोग एसी (एयर कंडीशनर) कमरों में बैठकर सिर्फ आंकड़े जुटाने में लगे हैं। किसानों की समस्या पर कोई ध्यान नही दे रहा है।
जद(यू.) के वरिष्ठ नेता व केंद्रीय राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए केंद्र व राज्य सरकार काफी कोशिश कर रही है। मिट्टी जांच की व्यवस्था सरकारी स्तर पर हर पंचायत में नहीं उपलब्ध होने पर भी केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर ने पूसा के मिट्टी जांच पदाधिकारी को भी लताड़ लगाई। गौरतलब है इस वर्ष 22 अक्टूबर से 30 नवंबर तक खेत ’बचाओ योजना अभियान सह किसान चौपाल’ कार्यक्रम की राष्ट्र वयापी शुरुआत की गई है। बिहार में इसकी शुरुआत पूसा स्थित डॉ.राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के द्वारा समस्तीपुर जिले के कोठिया पंचायत सरकार भवन पर किया गया। जहां बतौर मुख्य अतिथि नमो सरकार के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर व विशिष्ठ अतिथि मोरवा के विधायक रणविजय साहु के अलावा प्रखंड प्रमुख पूनम देवी, प्रखंड 20 सूत्री के अध्यक्ष डॉ.कुमार समर्पण, कोठिया के मुखिया धर्मेंद्र कुमार चौरसिया, डीआरसीएयू के कुलपति डॉ.पी.एस. पांडेय, कृषि विज्ञान केंद्र, बिरौली के प्रधान सह कृषि वैज्ञानिक डॉ.एम.एल. मीणा, जिला कृषि पदाधिकारी डॉ.सुमित सौरभ आदि ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि नमो सरकार के केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर व विशिष्ठ अतिथि मोरवा के विधायक रणविजय साहु को डीआरसीएयू के कुलपति डॉ.पी.एस. पांडेय ने अंग वस्त्र और पौधा देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर डीआरसीएयू प्रसार शिक्षा निदेशालय के निदेशक डॉ.रत्नेश कुमार झा ने बदलते जलवायु में खेत बचाओ अभियान कार्यक्रम की जरूरत पर विशेष बल दिया। वहीं, केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ.पी.एस. पांडेय ने कार्यक्रम के उद्देश्य पर चर्चा करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम किसानों को उर्वरक के संतुलित उपयोग के महत्व को बताता है जिसमें किसान को मिट्ठी जांच कर खेतों में रासायनिक उर्वरकों के कम से कम प्रयोग करना चाहिए। इसके साथ-साथ जैविक व प्राकृतिक खेती से जुड़कर किसान मिट्ठी के स्वास्थ्य को सुरक्षित रख सकते हैं। जिससे किसान के द्वारा उत्पादित उत्पाद की गुणवत्ता बनी रहे। इस कार्यक्रम को क्षेत्रीय विधायक रणविजय साहु ने भी संबोधित किया। उन्होंने कहा कि जैविक और प्राकृतिक खेती के तकनीक से जुड़कर मानव जीवन में होने वाली विभिन्न बीमारियों से बच सकते हैं। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान व कृषि वैज्ञानिक आदि उपस्थित थे।
बता दें कि, ताजपुर का कोठिया गरीबों के मसीहा और झोपड़ी के लाल के रूप में मशहूर महान समाजवादी नेता स्व.कर्पूरी ठाकुर की कर्मभूमि रही है। जन समस्याओं से जुड़े कई मुद्दों को लेकर आंदोलन की शुरूआत कर्पूरी ठाकुर इसी धरती से करते रहे हैं। वह विलुप्त हो चुके ताजपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतिम विधायक भी थे। बाद में कर्पूरी ठाकुर कई बार समस्तीपुर से विधायक बने। इस बीच एक बार सोनवर्षा व फुलपरास के भी विधायक रहे। लेकिन, कोठिया निवासी समाजवादी नेता भोला बाबू के यहां स्व.कर्पूरी ठाकुर के साथ रामनाथ ठाकुर का भी आना-जाना लगा रहा। भोला बाबू अब इस दुनियां में नहीं हैं। लेकिन, आज कर्पूरी पुत्र केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने लापरवाह सरकारी अधिकारियों की बखिया उधेर कर कर्पूरी जी की याद ताजा कर दी है, जो चर्चा का विषय बना हुआ है।












