पंजाब नितिन : होशियारपुर जिले में कथित गैर-कानूनी माइनिंग की जांच कर रही CBI ने अब गांवों में पहुंचकर तथ्य इकट्ठा करना शुरू कर दिया है। मिली जानकारी के मुताबिक, जांच एजेंसी ने रेवेन्यू डिपार्टमेंट के अधिकारियों और पटवारियों को तलब किया है और 38 माइनिंग साइट्स की फर्दें भी मंगवाई हैं। इनके जरिए रेवेन्यू रिकॉर्ड में दर्ज जमीनों के मालिकाना हक, टाइप और डिटेल्स की जांच की जाएगी।
यहां आपको बता दें कि CBI की जांच अब सिर्फ ऑफिस रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है। एजेंसी माइनिंग साइट्स से जुड़े गांवों में पहुंचकर मौके पर हालात और दूसरी जानकारी इकट्ठा कर रही है। संबंधित डिपार्टमेंट के जमीनी रिकॉर्ड और दस्तावेजों का मिलान करके माइनिंग एक्टिविटीज की जांच की जाएगी।
प्रशासन ने सरकारी बोर्ड लगाने शुरू किए
दूसरी तरफ, प्रशासन ने कुछ साइट्स पर ‘यह साइट निगरानी में है’ लिखे बोर्ड लगाने शुरू कर दिए हैं। प्रशासन ने इन जगहों पर साइट का स्तर बराबर करने, पानी निकालने और आस-पास की सड़कों से छेड़छाड़ करने पर रोक लगा दी है।
38 माइनिंग साइट्स की मांगी गई जानकारी
सी.बी.आई. ने पंजाब माइनर मिनरल रूल्स-2013, स्टेट रेत एंड ग्रेवल माइनिंग पॉलिसी-2023 और स्टेट माइनर मिनरल पॉलिसी-2023 की कॉपी और उनमें किए गए सभी बदलावों की जानकारी मांगी है। इसके अलावा, होशियारपुर जिले में 2022 से 2026 तक की 38 माइनिंग साइट्स का रिकॉर्ड भी मांगा गया है। इसमें जनवरी 2022 से अब तक अप्रूव्ड कमर्शियल माइनिंग साइट्स, क्रशर माइनिंग साइट्स, पब्लिक माइनिंग साइट्स, डिसिल्टिंग साइट्स, रिवरबेड माइनिंग साइट्स और दूसरी मिनरल निकालने वाली साइट्स की साइट-वाइज लिस्ट शामिल है। माइनिंग साइट्स की फर्दे मंगवाने और पटवारियों को तलब करने से यह मामला फिर से सुर्खियों में आ गया है। जांच के नतीजों से यह साफ हो जाएगा कि संबंधित साइट्स पर नियमों का पालन हुआ या नहीं और अगर कोई उल्लंघना हुआ है तो उल्लंघना के लिए आखिरकार कौन जिम्मेदार है।






