बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार पुलिस दारोगा भर्ती परीक्षा रद्द होने के बाद अभ्यर्थियों का गुस्सा सोमवार यानी 4 सितंबर को राजधानी पटना में सड़क पर दिखाई दिया। जहां गर्दनीबाग में चल रहे धरना-प्रदर्शन के बीच बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान पहुंच गए। जहां से तिरंगा लेकर विरोध मार्च करते हुए जेपी गोलंबर की ओर बढ़े। हाथों में बैनर-पोस्टर और जुबां पर नारे लिए अभ्यर्थियों ने परीक्षा रद्द करने के फैसले का विरोध किया। प्रदर्शनकारी लगातार अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी करते रहे। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया। मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई। विरोध मार्च में शामिल अभ्यर्थी हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर चल रहे थे। पोस्टरों पर ’एक सुत्ता दो चाय’, ’बीपीएससी आयोग हाय-हाय’ सहित अलग-अलग नारे लिखे थे। गांधी मैदान से अभ्यर्थियों का विरोध मार्च शुरू हुआ। तिरंगा हाथ में लेकर अभ्यर्थी नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े। देखते ही देखते प्रदर्शनकारियों की भीड़ जेपी गोलंबर की ओर पहुंच गई।
अभ्यर्थियों के जेपी गोलंबर पहुंचने के बाद पुलिस ने बैरिकेडिंग कर रास्ता बंद कर दिया। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। मौके पर पुलिस अधिकारी लगातार अभ्यर्थियों से शांति बनाए रखने की अपील करते रहे। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे और लगातार नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों को नियंत्रित करने के लिए राजधानी पटना की सड़कों पर दो लेयर की सुरक्षा व्यवस्था की गई। आगे बिहार पुलिस के जवान तैनात थे। जबकि, पीछे आरएपी की टीम को लगाया गया था। मौके पर मीडियाकर्मी भी मौजूद रहे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए थे।
प्रदर्शनकारियों को शांत कराने के लिए अधिकारियों की ओर से अनाउंसमेंट किया गया। अभ्यर्थियों से कहा गया कि वे अपने 5 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल को तैयार करें। अधिकारियों ने कहा कि उचित माध्यम से प्रतिनिधिमंडल को संबंधित अधिकारी से मिलवाकर उनकी बात रखी जाएगी। इस पर प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की मांग पर अड़ गए। अभ्यर्थियों का कहना है, ’हमें सीएम से मिलना है, वरना हम यहीं बैठे रहेंगे।’
बिहार में दारोगा भर्ती परीक्षा रद्द होने के बाद से अभ्यर्थी लगातार विरोध कर रहे हैं। राजधानी पटना के गर्दनीबाग में धरना-प्रदर्शन के बाद सोमवार को उनका आंदोलन सड़क तक पहुंच गया। अब गांधी मैदान से जेपी गोलंबर तक निकले मार्च और बैरिकेडिंग के बाद पटना में प्रदर्शन का दबाव बढ़ गया है। अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर सरकार और संबंधित अधिकारियों से स्पष्ट कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।










