बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार में एमएलसी चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। 6 अक्टूबर को नामांकन का आखिरी दिन है। इससे पूर्व 5 अक्टूबर को एनडीए समर्थित जनता दल (युनाइटेड) यानी जद(यू.) एमएलसी प्रत्याशी नीरज कुमार ने पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। इस सीट से उनका मुख्य मुकाबला जन सुराज पार्टी यानी जसुपा प्रत्याशी डॉ.अनुज कुमार सिंह से है, जिन्हें मोकामा के बाहुबली जद(यू.) विधायक अनंत कुमार सिंह का भरपूर समर्थन मिल रहा है। अनंत सिंह की एंट्री से पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मुकाबला दिलचस्प हो गया है। यहां असली मुकाबला अनंत सिंह बनाम नीरज कुमार माना जा रहा है। जद(यू.) नेतृत्व मौजूदा एमएलसी नीरज कुमार के साथ है। यही वजह है कि नीरज कुमार के नामंकन में नीतीश पुत्र राज्य के स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार, पूर्व मंत्री व विधायक श्याम रजक के अलावा रालोमो सुप्रीमो व राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा, भाजपा नेता व राज्य के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा सहित कई नेता मौजूद रहे।

मौजूदा एमएलसी व जद(यू.) प्रत्याशी नीरज कुमार ने जीत का दावा किया है। चुनाव की तैयारी पर उन्होंने कहा कि तैयारी हमको करना पड़ता है? हमारे कार्यकर्ता खुद तैयार रहते हैं। तन-मन-धन, थ्री एन का पर्याय है। नीतीश कुमार, निशांत कुमार और संयोग से मेरा भी नाम ’एन’ से ही शुरू होता है। उन्होंने कहा कि जब हमें नीतीश कुमार जी का आर्शिवाद मिला हुआ हो, निशांत कुमार जी का प्रचार शुरू हो गया हो, तो मुकाबला तो शानदार और जानदार होगा। नीरज कुमार को उनके ही दल के विधायक अनंत सिंह से तगड़ी चुनौती मिल रही है। अनंत सिंह ने उन्हें एमएलसी चुनाव में हराने का बीड़ा उठाया है।
मोकामा के बाहुबली जद(यू.) विधायक अनंत सिंह का आरोप है कि एमएलसी नीरज कुमार ने पिछले 4 चुनावों में उनके खिलाफ काम किया। यही नहीं, एके47 और दुलारचंद हत्याकांड में फंसाने का आरोप भी अनंत सिंह ने नीरज कुमार पर लगाया है। जद(यू.) विधायक अनंत सिंह ने साफ कहा है कि चाहे पार्टी रहे या जाए, वह नीरज कुमार का समर्थन नहीं करेंगे। बल्कि, उनके खिलाफ खड़े प्रत्याशी डॉ.अनुज सिंह का प्रचार कर रहे हैं। जसुपा प्रत्याशी डॉ.अनुज सिंह के नामांकन के दिन भी खुली गाड़ी पर सवार होकर पहुंचे थे। उन्होंने मिठाईयां तक बाटवाई है और चुनाव प्रचार को लेकर क्षेत्र में रोड शो कर रहे हैं। अनंत सिंह के बागी तेवर पर जद(यू.) में खलबली है और जद(यू.) के वरिष्ठ नेता व नमो सरकार के केंद्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को विवाद सुलझाने की जिम्मेदारी मिली है। हालांकि, जद(यू.) विधायक अनंत सिंह मानने के मूड में दिखाई नहीं दे रहे हैं। फिलहाल पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र बिहार विधान परिषद की सबसे हॉट सीट बन गई है। अब देखना ये होगा कि यहां के स्नातक वोटर किसे पसंद करते हैं और जद(यू.) अनंत सिंह पर क्या एक्शन लेगी? यह तो वक्त आने पर ही पता चल सकता है।









