बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने बुधवार यानी 30 सितंबर को हुई कैबिनेट की बैठक में युवाओं, किसानों, पोषण और हरित ऊर्जा से जुड़े कई अहम फैसलों पर मुहर लगा दी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की इस बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इनमें ‘दोगुना रोजगार, दोगुना आय’ के तहत कुशल युवा कार्यक्रम को नए संशोधनों के साथ लागू करने का फैसला खास है। कार्यक्रम के तहत हर वर्ष 2,57,440 युवाओं को प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, इससे सीधे 4,572 रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है। इसके अलावा कृषि फीडरों के सोलराइजेशन और बिहार हरित हाइड्रोजन नीति 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दी गई है।
राज्य में कुशल युवा कार्यक्रम यानी ‘डिजिटल मित्र’ को संशोधनों के साथ लागू करने की मंजूरी दी गई है। इस योजना के तहत युवाओं को कुल 270 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण में रोजगारपरक कौशल के साथ अंग्रेजी और व्यवहार कौशल पर भी जोर रहेगा। इसके अलावा कार्यस्थल नैतिकता, रोजगार की तैयारी और ऑन-जॉब प्रशिक्षण को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है। राज्य सरकार ने कार्यक्रम में युवाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने वाले घटक को प्राथमिकता दी है। यानी प्रशिक्षण के साथ रोजगार की संभावनाओं को भी इस कार्यक्रम का अहम हिस्सा बनाया गया है।
कार्यक्रम के संचालन के लिए 871 कुशल युवा कार्यक्रम संचालकों को स्वीकृति दी गई है। ये वही संचालक हैं जो 7 निश्चय-टू की अवधि समाप्त होने के वक्त कार्य कर रहे थे। निर्धारित प्रक्रिया के तहत इन केंद्रों से प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाएगा। राज्य सरकार के अनुसार, इन केंद्रों के माध्यम से हर वर्ष 2,57,440 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। कार्यक्रम से प्रत्यक्ष रूप से 4,572 रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद जताई गई है। पाठ्यक्रम को राष्ट्रीय कौशल योग्यता रूपरेखा यानी एनएसक्यूएफ से मान्यता प्राप्त है।
सम्राट कैबिनेट ने राज्य के बचे हुए 2,554 कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने की योजना को भी मंजूरी दे दी। इसके तहत 2,585 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जायेंगे। राज्य सरकार इसके लिए 1.05 करोड़ रुपये प्रति मेगावाट की दर से 2714.25 करोड़ रुपये का अनुदान देगी। योजना के तहत 946 विद्युत उप केंद्रों में सोलराइजेशन का कार्य किया जाएगा। ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने के लिए 47.30 करोड़ रुपये की राशि भी दी जाएगी। इस तरह योजना के लिए कुल 2761.55 करोड़ रुपये के अनुदान को मंजूरी मिली है। राज्य सरकार का लक्ष्य कृषि क्षेत्र की बिजली जरूरत को सौर ऊर्जा के जरिये पूरा करना है। इससे कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार के अनुसार, इससे बिजली पर होने वाले सरकारी खर्च को कम करने की दिशा में भी मदद मिलेगी। योजना को किसानों की आय बढ़ाने और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने से भी जोड़ा गया है।
सम्राट कैबिनेट ने सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0 कार्यक्रम के तहत एक और अहम प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। पात्र लाभार्थियों को पारंपरिक सूखे राशन की जगह रेसिपी आधारित सुदृढ़ीकृत और पोषणयुक्त खाद्य उत्पाद दिए जाएंगे। इन उत्पादों का आरबीएफएफपी यानी रेसिपी आधारित फोर्टिफाइड फूड प्रोडक्ट के रूप में उपलब्ध कराया जाएगा। कॉम्फेड को इसके क्रियान्वयन की जिम्मेदारी दी गई है। खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तीन स्तर पर जांच की व्यवस्था होगी। निर्माताओं व आपूर्तिकर्ताओं का चयन क्यूसीबीएस पद्धति से पीपीपी मोड में 15 वर्षों के लिए किया जाएगा।
सम्राट कैबिनेट ने बिहार हरित हाइड्रोजन नीति 2026 के प्रारूप को भी मंजूरी दे दी। नीति का उद्देश्य नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देना और प्राकृतिक गैस के आयात पर निर्भरता कम करना है। राज्य सरकार हरित हाइड्रोजन क्षेत्र में निजी निवेश आकर्षित करने पर जोर देगी। इसके साथ कार्बन उत्सर्जन कम करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है। हरित ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में यह नीति अहम होगी। अब नीति के आगे के क्रियान्वयन और निवेश प्रस्तावों पर नजर रहेगी।
सम्राट कैबिनेट की बैठक में कुल 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में रोजगार और कौशल विकास से लेकर कृषि ऊर्जा, पोषण और हरित हाइड्रोजन तक कई क्षेत्र शामिल रहे। युवा कार्यक्रम के जरिये प्रशिक्षण और रोजगार को बढ़ाने पर जोर दिया गया है। कृषि फीडरों के सोलराइजेशन के जरिये ऊर्जा क्षेत्र में बदलाव की तैयारी है। आंगनबाड़ी पोषण व्यवस्था में भी बदलाव को मंजूरी मिली है। इसके अलावा पटना में ताज सिटी सेंटर बनाने से जुड़ा प्रस्ताव भी कैबिनेट के फैसलों में शामिल है।









