राष्ट्रीय नितिन : मुरथल के मशहूर ढाबों में अब पराठों के साथ टेक्नोलॉजी का तड़का भी देखने को मिल रहा है। मुरथल के मशहूर रेशम ढाबे में अब खाना परोसने के लिए इंसान नहीं, बल्कि रोबोट वेटर ग्राहकों की टेबल तक पहुंच रहा है।इस रोबोट को सॉफ्टवेयर और रिमोट-कंट्रोल सिस्टम से चलाया जाता है। इसकी आँखों में लगी LED लाइटें और फाइबर से बनी बॉडी इसे एक खास लुक देती हैं, और चमकती लाल लाइटें इसके फ्यूचरिस्टिक लुक को और बढ़ा देती हैं।
यह रोबोट एक बार चार्ज करने पर लगभग डेढ़ से दो घंटे तक काम कर सकता है। इसका आना अपने आप में एक आकर्षण बन गया है; जब यह ढाबे में घूमता है, तो ग्राहक इसके वीडियो बनाते हैं और सेल्फी लेते हैं। रोबोट से खाना सर्व करवाने के लिए कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं लिया जाता है।
होटल मैनेजर संजय के मुताबिक, इस रोबोट को बेंगलुरु की एक टीम के साथ मिलकर बनाया गया था। मकसद यह था कि मुरथल आने वाले लोगों को न सिर्फ यहाँ के मशहूर खाने का स्वाद मिले, बल्कि नई टेक्नोलॉजी का अनुभव भी हो। रोबोट को चलाने और कंट्रोल करने के लिए एक अलग टीम बनाई गई है, जो ज़रूरत पड़ने पर रिमोट का इस्तेमाल करती है। संजय ने बताया कि खासकर बच्चे इससे बहुत आकर्षित होते हैं और अक्सर वीडियो बनाने या सेल्फी लेने के लिए अपने फोन निकाल लेते हैं।
दो साल पहले, अहमदाबाद के एक कैफे का ऐसा ही एक एक्सपेरिमेंट वायरल हुआ था। उस वीडियो में आयशा नाम का एक रोबोट ग्राहकों को आइस गोला सर्व करते हुए दिख रहा था। वीडियो के मुताबिक, उस रोबोट की कीमत 1,35,000 रुपये थी।







