आम आदमी पार्टी (आप) छोड़ बीजेपी ज्वाइन करने वाले राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा केंद्र में मंत्री बन सकते हैं उनके साथ लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी एलपीयू के चांसलर अशोक मित्तल भी दावेदार हैं पंजाब से अभी रवनीत बिट्टू केंद्रीय राज्य मंत्री हैं हालांकि उनका राज्यसभा का कार्यकाल 21 जून को खत्म हो चुका है ऐसे में उन्हें सांसद न होने पर 6 महीने बाद यानी 21 दिसंबर तक मंत्री पद छोड़ना होगा ऐसी सूरत में पंजाब से किसी एक चेहरे को केंद्र में शामिल करना तय माना जा रहा है।
हालांकि इस दौड़ में अमृतसर के रहने वाले वह हाल ही में बिट्टू की जगह राज्यसभा भेजें तरुण चुघ भी शामिल है सरकारी सूत्रों के मुताबिक संडे या मंडे को केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल हो सकता है। चर्चा है कि इसके लिए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिले जिसमें उन्हें इसके बारे में सुझाव दिया गया है हालांकि अभी मंत्री पद वाले नए चेहरे को लेकर कोई औपचारिक पुष्टि की सूचना नहीं है।

आप पार्टी के 7 सांसद तोड़ने में चड्ढा की अहम भूमिका
राघव चड्ढा 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी के प्रमुख शहरों में शामिल रहे उन्होंने पार्टी की जीत के लिए ओवर ग्राउंड भी वर्किंग की। चुनाव के बाद पार्टी ने 117 में से 92 सीट जीती सरकार बनी और भगवंत मान मुख्यमंत्री बन गए। इसके बाद शुरुआती 2 साल तक राघव चड्ढा को पंजाब में सुपर सीएम की तरह माना गया हालांकि इसके बाद उनके पार्टी से रिश्ते बिगड़ने लगे जब आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल को शराब के केस में जेल हुई तो चड्ढा तब यूके में थे। इसके बाद वह वापस लौटे तो बगावत कर दी और आप के 7 सांसद छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए।
राघव चड्ढा को मंत्री बनने से भाजपा को पंजाब में क्या होगा फायदा जानिए भाजपा को पंजाब में मीडिया नॉरेटिव के लिए बड़ा चेहरा मिल सकता है राघव चड्ढा आप की कोर टीम में रह चुके हैं ऐसे में भाजपा से मंत्री पद मिलने के बाद चड्ढा 2027 के चुनाव में एग्रेसिव ढंग से काम करेंगे ऐसे में आप के खिलाफ नेरेटिव खड़ा कर सकते हैं।इसके अलावा चड्ढा शहरी क्षेत्र में अपना असर दिखा सकते हैं खास तौर पर लुधियाना और जालंधर जैसे इंडस्ट्रियल शहरों में जहां वह कारोबारी और केंद्र के बीच पुल का काम कर सकते हैं।

आप पार्टी को इससे क्या होगा नुकसान
राघव चड्ढा केंद्र में मंत्री बने तो आप को मनोवैज्ञानिक के साथ संगआत्मक झटका लग सकता है 2022 में आपके लिए चड्ढा ने वोट मांगे अब वही आप की बुराई करेंगे तो वोटर के मन में सत्ताधारी पार्टी आप के प्रति सवाल खड़े होंगे वहीं राघव चड्ढा भाजपा में बड़ी भूमिका में आए तो आप में उनसे जुड़े नेता भी उनके साथ जा सकते हैं। खास तौर पर अगर आप किसी एमएलए या हर उम्मीदवार का टिकट काटे या किसी दावेदार को टिकट न दे तो ऐसी सूरत में वह चड्ढा के साथ जा सकते हैं।









