National नितिन : भारत-नेपाल सीमा के सोनौली बॉर्डर पर इमिग्रेशन विभाग की टीम ने जांच के दौरान फर्जी भारतीय पहचान पत्र रखने के आरोप में थाईलैंड की एक महिला को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, सोनौली इमिग्रेशन कार्यालय पर भारत में प्रवेश करने वाले यात्रियों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान नेपाल से भारत आ रही एक विदेशी महिला ने अपना थाई पासपोर्ट और वीजा दिखाया। महिला के बोलचाल और भाषा को लेकर अधिकारियों को संदेह हुआ। पूछताछ और जांच में उसकी पहचान थाईलैंड निवासी चोन चुतिचिराफत के रूप में हुई।
जांच के दौरान महिला के मोबाइल फोन से ‘करुणा रुपनी देवी दासी’, पत्नी मित्रलाल खनाल, निवासी वैष्णव नगर, रमनरेती, वृंदावन, मथुरा के नाम से तैयार किए गए कथित फर्जी भारतीय दस्तावेजों की डिजिटल प्रतियां मिलीं। इनमें आधार कार्ड, वोटर आईडी संख्याजेडएमवाई 4348066 और पैन कार्ड संख्या डीएएफपीडी459डी शामिल हैं। महिला के पास थाईलैंड का मूल पासपोर्ट संख्या एसी2825032 भी मिला।
पूछताछ में सामने आया कि महिला की शादी वर्ष 2005 में थाईलैंड में नेपाली नागरिक मित्रलाल खनाल से हुई थी। वर्ष 2006 में वह पति के साथ भारत आई और मथुरा में किराए के मकान में रहने लगी। वर्ष 2011 में दंपति ने मथुरा में जमीन खरीदकर मकान बनाया। आरोप है कि इसके बाद महिला की पहचान बदलकर उसके नाम से कथित तौर पर फर्जी भारतीय दस्तावेज तैयार कराए गए।
महिला के दो बच्चे नंदनी (20) और नीरज (18) भी मथुरा में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं। महिला 19 मई 2026 को नेपाल घूमने गई थी और 16 अगस्त को भारत लौटते समय सोनौली सीमा पर इमिग्रेशन जांच में पकड़ी गई।
इमिग्रेशन अधिकारियों ने पूछताछ के बाद महिला को सोनौली पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस फर्जी पहचान बनाकर दस्तावेज तैयार कराने और उनका इस्तेमाल करने के आरोपों की जांच कर रही है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। सोनौली कोतवाल महेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार थाई महिला से पूछताछ की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।






