बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। पूर्वी बिहार के भागलपुर में बिल्डर बजरंग कुमार की हत्या का तरीका इस ओर इशारा कर रहा है कि कातिलों के मन में उसके प्रति गहरी नफरत थी। हत्या केवल जान लेने के लिए नहीं, बल्कि क्रूरता का संदेश देने के अंदाज में की गई है। पहले बजरंग कुमार के साथ शराब पार्टी हुई। फिर उसके कपड़े उतरवाए गए और बेरहमी से गला, हाथ की चार अंगुलियां तथा प्राइवेट पार्ट काट डाला गया। वारदात के बाद न तो ऑफिस के सामान से कोई छेड़छाड़ की गई और न ही नीचे खड़ी उसकी बाइक ले जाई गई। इससे शुरुआती तौर पर यह आशंका मजबूत हो रही है कि हत्यारों का मकसद सिर्फ बिल्डर बजरंग कुमार की हत्या करना था।
यह वारदात भागलपुर में तिलकामांझी थाना के ठीक सामने स्थित बिल्डिंग में हुई। लेकिन, किसी को भनक तक नहीं लगी। ऑफिस से मिले शराब पीने के ग्लास इस ओर संकेत कर रहे हैं कि हत्या से पहले वहां शराब पार्टी हुई थी। पुलिस का मानना है कि थाने के सामने स्थित ऑफिस में इस तरह बैठकर शराब पीना तभी संभव है, जब साथ मौजूद लोग बजरंग के बेहद करीबी रहे हों और उन्हें वहां आने-जाने में कोई संकोच नहीं रहा हो। पुलिस को घटनास्थल से संघर्ष के बहुत ज्यादा निशान नहीं मिले हैं। बजरंग का शव निर्वस्त्र अवस्था में मिला। हाथ की चार अंगुलियां कटी हुई थीं। आशंका है कि धारदार हथियार के वार से बचने की कोशिश में उसने हथियार पकड़ लिया होगा या फिर अंगुलियां जानबूझकर काटी गई हों। हालांकि, इस संबंध में पुलिस अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं कह रही है।
वारदात की जानकारी मिलते ही भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव मौके पर पहुंचे और विशेष जांच टीम गठित कर 24 घंटे के अंदर इस हत्याकांड का खुलासा करने का निर्देश दिया। तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने कोतवाली और परबत्ती क्षेत्र से दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस जघन्य वारदात ने पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। थाना के ठीक सामने इतनी क्रूर हत्या हो गई। लेकिन, पुलिसकर्मियों और आसपास के लोगों को इसकी भनक तक नहीं लगी। इससे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
मृतक के पिता दिनेश्वर प्रसाद सिंह ने आरोप लगाया कि सुबह करीब सवा चार बजे पुलिस को इसकी सूचना देने के बावजूद तत्काल कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने बताया कि बहू ने भी पुलिस को कुछ लोगों के नाम बताते हुए कारोबारी विवाद की जानकारी दी थी। लेकिन, पुलिस ने गंभीरता नहीं दिखाई। काफी देर बाद ऑफिस का ताला खुलवाया गया, तब हत्या का खुलासा हुआ। पुलिस जमीन कारोबार, निर्माण कार्य से जुड़े विवाद, रुपये के लेन-देन और व्यक्तिगत रंजिश सहित कई बिंदुओं पर जांच कर रही है।

बजरंग कुमार के करीबियों का कहना है कि वह अक्सर ऑफिस में नकदी रखता था और लाखों रुपये लेकर बाइक से आता-जाता था। ऐसे में पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि हत्यारे नकदी या जमीन से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज भी अपने साथ ले गए हों। हालांकि, घटनास्थल से सामान और बाइक सुरक्षित मिलने के कारण जांच का फोकस फिलहाल व्यक्तिगत रंजिश और करीबी लोगों की भूमिका पर ज्यादा है। पत्नी ने भी बताया कि उसके पति की कारोबार को लेकर अदावत बढ़ गई थी। किसी पंकज, रुपेश आदि के नाम की भी जानकारी दी तब भी पुलिस शिथिल रही। काफी देर बाद ऑफिस का ताला हटाया गया तो हत्या की बात सामने आई है।









