बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार की राजधानी पटना में नीट पेपर लीक और बीपीएससी एईडीओ पेपर लीक सहित कई मांगों को लेकर छात्र-नौजवान सड़कों पर उतर आए हैं। बुधवार को राजधानी पटना में हुए छात्रों के विरोध प्रदर्शन का असर गुरुवार को 18वीं बिहार विधानसभा में बड़े स्तर पर दिखा। जहां शुरूआत से ही इस बात के आसार थे कि सदन नहीं चलेगा और यही हुआ। बिहार विधानसभा की प्रथम पाली में कोई कामकाज नहीं हुआ। सीएजी की रिपोर्ट भी सदन के पटल पर नहीं रखी जा सकी। पिपरा से चुने गए भाजपा विधायक श्यामबाबू यादव और सहरसा के आईआईपी विधायक ई.आई.पी. गुप्ता सहित पक्ष और विपक्ष के बीच मारपीट की स्थिति उत्पन्न हो गई। बड़ी मुश्किल से लगभग आधा दर्जन मार्शलों और विधायकों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला। इस हंगामे के बीच बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ.प्रेम कुमार ने सदन की कार्यवाही भोजनावकाश तक के लिए स्थगित कर दी। बिहार विधानसभा की प्रथम पाली जैसे ही आरंभ हुई कि राजद के नेतृत्व में संपूर्ण विपक्ष छात्रों के प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग के विरोध में पोस्टर लिए अपनी सीट पर खड़े होकर नारेबाजी करने लगे। बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ.प्रेम कुमार ने आरंभ में कहा कि शून्यकाल में बात रखने का मौका देंगे। इस पर विपक्ष के सदस्य शांत होकर बैठ गए।

इसी बीच पिपरा से जीते भाजपा के विधायक श्यामबाबू यादव अपनी सीट पर खड़े हो गए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ.प्रेम कुमार ने उन्हें अपनी बात कहने का मौका दे दिया। श्यामबाबू यादव ने कहा कि कल जो छात्र प्रदर्शन कर रहे थे वे छात्र नहीं हो सकते। वे गुंडे थे। डाकबंगला चौराहे पर मेरी गाड़ी खड़ी थी। गाड़ी पर उन्होंने हमला किया। एक अन्य भाजपा विधायक भी खड़े हो गए। इस पर विपक्ष के लोग फिर नारेबाजी करने लगे। इसी हंगामे के बीच श्यामबाबू यादव व आई.पी. गुप्ता में कहा सुनी हो गई। काफी तल्खी के साथ श्यामबाबू यादव वेल में पहुंच कर आक्रमक अंदाज में आई.पी. गुप्ता की ओर बढ़े। फिर, करीब आधा दर्जन मार्शल वेल में पहुंच गए और श्यामबाबू यादव को रोका। इसी दौरान पक्ष व विपक्ष के कई विधायक भी आक्रमक होकर एक-दूसरे की ओर बढ़ गए। कई विधायकों ने एक-दूसरे को रोका तब जाकर स्थिति काबू में आई। दोनों पक्ष ने एक दूसरे को मुक्का भी दिखाया।
बिहार विधानसभा के अध्यक्ष डॉ.प्रेम कुमार ने इस हंगामे के बीच कई बार स्थिति संभालने की कोशिश की। यह कहा कि वह आग्रह करते हैं कि सभी बैठ जाएं। सभी को वह अपनी बात कहने का मौका बारी-बारी से देंगे। पर बात नहीं बनी और विधानसभा की पहली पाली भोजनावकाश तक के लिए स्थगित हो गई। 18वीं बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान यह पहला मौका था पर पक्ष और विपक्ष के बीच इस तरह की तनातनी दिखी है। इसके पूर्व बिहार विधानसभा के बाहर भी विपक्षी दलों के विधायकों ने एक जुट होकर विरोध प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की है।












