बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार में कोचिंग की दुनिया में अपनी अलग पहचान रखने वाले खान सर व रौशन आनंद सर अब रक्षाबंधन के दिन भी चर्चा में रहे हैं। वजह है दोनों के हाथों पर बंधी राखियों का 5-5 किलो वजन। खान सर और रौशन आनंद, दोनों के हाथों पर इतनी राखियां बांधी गईं कि उनका वजन करीब 5 किलो तक पहुंच गया। हालात ऐसे हो गए कि राखियों की वजन से दोनों शिक्षक के लिए हाथ उठाना भी मुश्किल हो गया। दरअसल, राजधानी पटना वाले खान सर और रौशन आनंद सर के बीच छात्रों को बेहतर सुविधाएं देने की होड़ की चर्चा अक्सर होती रही है। लेकिन, इस बार रक्षाबंधन पर मुकाबला कुछ अलग ही नजर आया। छात्राओं ने दोनों शिक्षकों के हाथों पर जमकर राखियां बांधीं। देखते ही देखते राखियों की संख्या इतनी बढ़ गई कि दोनों के हाथ राखियों से भर गए। अब सोशल मीडिया और छात्रों के बीच यह मजाकिया चर्चा है कि कोचिंग के बाद राखियों में भी दोनों के बीच प्रतिस्पर्धा हो गई।
देशभर में चर्चित खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर का रक्षाबंधन मनाने का अंदाज भी हर वर्ष सुर्खियों में रहता है। राजधानी पटना स्थित एसके मेमोरियल हॉल में इस बार भी खान सर की छात्राओं के लिए रक्षाबंधन का आयोजन खास रहा। छात्राएं उन्हें अपना भाई मानकर राखी बांधती नजर आईं। खान सर ने भी अपनी छात्राओं को बहनों की तरह मानते हुए पूरे उत्साह के साथ राखी बंधवाई। रक्षाबंधन के दौरान खान सर की कलाई पर इतनी राखियां नजर आईं कि यह दृश्य अपने आप में खास बन गया। उनके छात्रों के बीच हर वर्ष की तरह इस बार भी यह आयोजन चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस बार आयोजन में सुरक्षा का भी खास इंतजाम देखने को मिला। जहां खान सर के चारों ओर में महिला बाउंसरों का सुरक्षा घेरा था। हाल के दिनों में सामने आए कोचिंग विवादों को देखते हुए माना जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था या विवाद की स्थिति नहीं बने, इसके लिए महिला बाउंसरों को तैनात किया गया था। महिला बाउंसरों की सुरक्षा घेरे के बीच छात्राएं बारी-बारी से खान सर को राखी बांधती रहीं और रक्षाबंधन का त्योहार मनाया। खान सर का रक्षाबंधन सिर्फ राखी बांधने तक सीमित नहीं रहा। छात्राओं के खाने-पीने का भी खास इंतजाम किया गया था। उनके लिए अलग से फूड काउंटर लगाए गए थे, जहां कई तरह के व्यंजन और खाने-पीने की चीजें उपलब्ध थीं। फूड काउंटर पर गुलाबजामुन, पिज्जा, गोलगप्पे सहित कई तरह के व्यंजन मौजूद थे। राखी बांधने के बाद छात्राओं ने इन व्यंजनों का जमकर लुत्फ उठाया। पढ़ाई के दौरान छात्र-छात्राओं को पढ़ाने वाले खान सर रक्षाबंधन के दिन अपनी छात्राओं के लिए भाई की भूमिका में नजर आते हैं। हर वर्ष बड़ी संख्या में छात्राओं का राखी बांधने पहुंचना इस आयोजन को खास बनाता है।
उधर, राजधानी पटना में मुसल्लहपुर हाट स्थित ज्ञान बिंदु जीएस एकेडमी में पहली बार रक्षाबंधन का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया गया। जहां इस दौरान छात्राओं ने रौशन आनंद के हाथ पर एक के बाद एक राखियां बांधीं। इतनी राखियां बांधी गईं कि रौशन आनंद के लिए हाथ उठाना भी मुश्किल हो गया। रक्षाबंधन का यह नजारा वहां मौजूद छात्रों के बीच खास आकर्षण का केंद्र रहा। इस अवसर पर बिहार के विभिन्न जिलों से पहुंची छात्राओं के लिए विशेष आयोजन किया गया था। छात्राओं के लिए 84 प्रकार के व्यंजनों के स्टॉल लगाए गए थे। इनमें काजू, किशमिश, पिस्ता, सेव, केला, पुलाव, दाल, रायता, गोलगप्पा सहित कई तरह के व्यंजन शामिल थे। आयोजन में शामिल छात्राओं ने भोजन की जमकर तारीफ की। छात्राओं ने कहा कि खाना बहुत स्वादिष्ट था और उन्हें काफी अच्छा लगा। सादा खाना पसंद करने वाले छात्रों के लिए भी अलग से इंतजाम किया गया था। पढ़ाई को लेकर भी छात्राओं ने संस्थान और शिक्षकों की तारीफ करते हुए कहा कि यहां बहुत बेहतर तरीके से पढ़ाया जाता है।
रौशन आनंद ने कहा कि संस्थान में पहली बार रक्षाबंधन का आयोजन किया गया है और इसे लेकर वह काफी उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान की ओर से छात्राओं को पढ़ाई में किसी तरह की परेशानी नहीं हो, इसके लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। रक्षाबंधन के उपहार के रूप में छात्राओं के लिए लाइब्रेरी की सुविधा निःशुल्क करने के साथ किताबें भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके भाई की भी इच्छा थी कि संस्थान में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाए। भाई की मौत के बाद उनकी इस इच्छा को पूरा करने का प्रयास किया गया है। अब हर वर्ष संस्थान में रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। रौशन आनंद ने रक्षाबंधन के अवसर पर बड़ा ऐलान भी किया है। उन्होंने कहा कि वह अपनी पैतृक संपत्ति का 50 प्रतिशत हिस्सा बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार और बिहार की बहनों यानी छात्राओं के लिए दान करेंगे। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना और छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यह फैसला अपने समाजसेवी भाई प्रिंस यादव की इच्छा और उनकी स्मृति को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
वैसे, रक्षाबंधन का उत्साह सिर्फ कोचिंग सेंटरों तक सीमित नहीं रहा। बिहार की जेलों में भी बहनों ने अपने भाइयों को राखी बांधी। कई राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों ने भी इस मौके पर बहनों से राखी बंधवाई और शुभकामनाएं दीं। वहीं, कई परिवारों में भाई-बहन के इस त्योहार को खास अंदाज में मनाया गया। पूरे बिहार में रक्षाबंधन के मौके पर भाई-बहन के रिश्ते की अलग-अलग तस्वीरें देखने को मिलीं। लेकिन, सबसे ज्यादा चर्चा में रही खान सर और रौशन आनंद सर की ‘राखी रेस’। इस रक्षाबंधन पर सबसे दिलचस्प तस्वीर खान सर और रौशन आनंद सर के हाथों पर बंधी राखियां रहीं। दोनों के हाथों पर करीब 5 किलो या उससे ज्यादा राखियां बंधने की चर्चा ने इसे खास बना दिया है।












