बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। बीपीएससी टीआरई-4 में एक बार फिर सीटों की संख्या बढ़ा दी गई है। अब कुल 33,385 पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति होगी। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शुक्रवार यानी 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर इसकी घोषणा की। बढ़ाई गई सीटों में कक्षा 9-10 के संगीत विषय के शिक्षकों के 113 पद शामिल हैं।
राज्य के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का कहना है कि रक्षाबंधन के अवसर पर उनके आवास पर आई बहनों ने शिक्षक भर्ती में सीटें बढ़ाने की मांग की थी। उनके आग्रह को ध्यान में रखते हुए 111 अतिरिक्त पद बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। अब इन बढ़े हुए पदों की अधियाचना बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) को भेजी जाएगी। इससे पूर्व टीआरई-4 के लिए 32,388 पदों की पहली अधियाचना भेजी गई थी। इसके बाद 886 पद बढ़ाए गए थे। अब 111 और पद बढ़ने के बाद कुल पदों की संख्या 33,385 हो गई है।
नई वृद्धि में कक्षा 9-10 के संगीत विषय के शिक्षकों के लिए 113 पद शामिल किए गए हैं। इससे संगीत विषय से शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को लाभ मिलेगा। इससे पूर्व मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को टीआरई-4 की परीक्षा को लेकर बड़ा फैसला सुनाया था। उन्होंने कहा था कि टीआरई-4 की परीक्षा अब एक ही चरण में आयोजित की जाएगी। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि करीब 73 हजार शिक्षकों ने ट्रांसफर के लिए आवेदन किया है। इनमें लगभग 37 हजार शिक्षकों को उनकी पसंद के स्थान पर स्थानांतरण मिलने की संभावना है।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के अनुसार, जिन शिक्षकों को उनके दिए गए विकल्प में स्थान नहीं मिल पा रहा है, उनके लिए भी रास्ता निकाला जाएगा। अधिकारियों को ऐसे शिक्षकों से बातचीत कर उनकी पसंद के अनुरूप दूसरी उपयुक्त जगह तलाशने का निर्देश दिया गया है। शिक्षकों को सरप्लस और म्यूचुअल ट्रांसफर की सूची का भी इंतजार है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि इसकी प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही सूची जारी की जाएगी। सूची सॉफ्टवेयर के माध्यम से जारी किए जाने की बात कही गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐच्छिक ट्रांसफर के मामले में शिक्षकों का जबरन स्थानांतरण नहीं किया जाएगा। हालांकि, जहां नियम लागू होते हैं, वहां निर्धारित नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।












