बिहार पुलिस की दारोगा परीक्षा यानी एसआई का प्रश्न पत्र कथित रूप से लीक होने का आरोप लगाते हुए अभ्यर्थियों ने सोमवार यानी 15 जून को राजधानी पटना में आक्रोश मार्च निकाला। जहां बड़ी तादाद में एसआई अभ्यर्थी हाथ में बैनर-पोस्टर लेकर सड़कों पर निकले। जेपी गोलंबर तक पहुंचकर उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। विरोध प्रदर्शन को देखते हुए जेपी गोलंबर पर बड़ी संख्या में पुलिस मुस्तैद थी। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड पार करने का प्रयास किया। लेकिन, बिहार पुलिस की मुस्तैदी से वे इसमें सफल नहीं हो सके। पटना कॉलेज परिसर से निकले छात्रों का आरोप था कि इस वर्ष 27 मई को 1,799 पदों के लिए हुयी एसआई मुख्य परीक्षा का पेपर लीक हो गया था।
छात्र नेता सौरभ कुमार ने कहा कि पेपर रद्द करने की मांग को लेकर हम प्रदर्शन कर रहे हैं। इस मामले में गयाजी से कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। वे मामले की निष्पक्ष जांच, रिपोर्ट सार्वजनिक करने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। छात्रों का सवाल है कि उनके आवेदनों का क्या हुआ। ईओयू को दिए गए आवेदनों की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। बिहार के सीएमओ, डीजीपी को दिए आवेदन की भी कोई रिपोर्ट उन्हें नहीं मिली है। वे न्याय की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि कोई रास्ता नहीं बचा तो वे सड़क पर आए हैं। गौरतलब है कि बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की ओर से राज्य के 5 केंद्रों पर हुई परीक्षा में करीब 36 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इधर, आक्रोश मार्च को देखते हुए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद थी। जे.पी. गोलंबर पर बड़ी संख्या में जवान तैनात किए गए थे। हालांकि, कोई विपरीत परिस्थिति नहीं बनी। अब देखना है कि सरकार क्या कदम उठाती है? यह तो वक्त आने पर ही पता चल सकता है।










