अमृतसर फोर्टिस एस्कॉर्ट हॉस्पिटल अमृतसर के डीबीएस सर्जन व डायरेक्टर डॉक्टर दम सैनी ने बताया कि देश में 101 मिलियन से अधिक लोग डायबिटीज और 136 मिलियन लोग प्री डायबिटिक हैं। डायबिटीज न केवल ब्लड शुगर बढ़ती है बल्कि चुपचाप दिल को भी गंभीर नुकसान पहुंचती है जिससे कोरोनरी आर्टरी डिजीज का खतरा बढ़ जाता है। डॉक्टर सैनी के अनुसार हाई ब्लड शुगर के कारण दिल की नसें क्षतिग्रस्त हो जाती हैं नतीजतन दिल का दौरा पड़ने पर मरीजों को सीने में तेज दर्द जैसे आम लक्षण महसूस नहीं होते है।
इसके बजाय उन्हें सांस फूलना अत्यधिक पसीना आना थकना या चक्कर आने जैसे हल्के लक्षण ही दिखते हैं जिससे साइलेंट हार्ट अटैक भी कहा जा सकता है ऐसे जटिल मामलों में एनजीओ प्लास्टिक की तुलना में कोरोनरी आर्टरी बायपास ग्राफ्टिंग बाईपास सर्जरी सबसे सटीक व सुरक्षित इलाज है क्योंकि इससे एक ही ऑपरेशन में कई ब्लॉकेज ठीक किया जा सकते है।








