- उत्तराखंड मानसून के चलते केदारनाथ यात्रा पर लगी रोक
उत्तराखंड : मानसून की एंट्री से पहले ही मौसम ने मुश्किलें बढ़ानी शुरू कर दी हैं। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश का असर चारधाम यात्रा और पहाड़ी इलाकों में साफ देखने को मिल रहा है। खराब मौसम और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एहतियातन केदारनाथ यात्रा को अस्थायी रूप से रोक दिया है। वहीं चम्पावत और विकासनगर में भी बारिश के चलते कई चुनौतीपूर्ण हालात पैदा हो गए। रुद्रप्रयाग में शनिवार रात से लगातार बारिश हो रही है। जिसके कारण प्रशासन ने फिलहाल केदारनाथ यात्रा पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए हजारों श्रद्धालुओं को गुप्तकाशी, फाटा, रामपुर, शेरसी, सोनप्रयाग और गौरीकुंड जैसे सुरक्षित होल्डिंग इलाकों में रोक दिया है। वहीं दूसरी ओर, केदारनाथ धाम से लौट रहे यात्रियों को चरणबद्ध तरीके से सुरक्षित नीचे लाया जा रहा है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आपदा प्रबंधन और अन्य विभागों की टीमें अलर्ट मोड में हैं। यात्रा मार्ग और पड़ाव स्थलों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि मौसम सुधरने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।
50 श्रद्धालुओं को SDRF ने बचाया, चंपावत जिले के ऐतिहासिक रीठा साहिब गुरुद्वारे में आयोजित प्रसिद्ध जोड़ मेले के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। तेज बारिश के कारण उफनाई नदी के बीच 50 से ज्यादा श्रद्धालु फंस गए। जिसकी सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाला। समय रहते की गई कार्रवाई से बड़ी दुर्घटना टल गई।
उत्तराखंड के विकासनगर में दिल्ली-यमुनोत्री हाईवे पर भी बारिश ने स्थिति चुनौतीपूर्ण कर दी। जुड्डो और लखवाड़ के बीच एक झरना अचानक उफान पर आ गया, जिससे चारधाम यात्रा मार्ग पर वाहनों की लंबी लाइन लग गई। झरने के रौद्र रूप ने यात्रियों को हैरान कर दिया और कई वाहन घंटों तक रास्ते में फंसे रहे। राहत की बात यह रही कि कोई वाहन तेज बहाव की चपेट में नहीं आया। बाद में पानी का स्तर कम होने पर यातायात फिर से बहला हो सका।
मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक पहाड़ी इलाकों में बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। ऐसे में प्रशासन ने यात्रियों व स्थानीय लोगों से सतर्क रहने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। उत्तराखंड में मौसमी चुनौती के बीच प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।






