Indian Passport/Citizenship Proof: भारतीय नागरिकता के प्रमाण के रूप में कौन-कौन से सरकारी दस्तावेज मान्य हैं, इसको लेकर चल रही बहस के बीच केंद्र सरकार ने गुरुवार को संसद में कहा कि केवल भारतीय नागरिकों को ही भारतीय पासपोर्ट जारी किया जाता है। लेकिन इसे नागरिकता का अंतिम या एकमात्र प्रमाण नहीं माना जा सकता।
राज्यसभा सांसद अब्दुल वहाब के सवालों के जवाब में विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने बताया कि भारतीय पासपोर्ट Passport Act, 1967 के तहत तय नियमों और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद जारी किया जाता है। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट का मुख्य उद्देश्य भारतीय नागरिकों की विदेश यात्रा को नियंत्रित और आसान बनाना है।
पासपोर्ट के लिए भारतीय नागरिक होना जरूरी
सरकार ने स्पष्ट किया कि कोई भी विदेशी नागरिक भारतीय पासपोर्ट हासिल नहीं कर सकता। पासपोर्ट जारी करने से पहले आवेदक की पात्रता और दस्तावेज़ों की जांच की जाती है। Passport Act, 1967 की धारा 6 के अनुसार, अगर पासपोर्ट अधिकारी को लगता है कि आवेदक भारतीय नागरिक नहीं है, तो उसका आवेदन खारिज किया जा सकता है। हालांकि, सरकार ने इस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया कि क्या भारतीय पासपोर्ट नागरिकता का पक्का प्रमाण है?
पासपोर्ट यात्रा दस्तावेज़ है
विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि पासपोर्ट एक यात्रा दस्तावेज़ है, जिसे भारत सरकार अंतरराष्ट्रीय यात्रा के लिए जारी करती है। इसका उद्देश्य नागरिकों की विदेश यात्रा को नियंत्रित करना है। सरकार का कहना है कि पासपोर्ट पाने के लिए भारतीय नागरिक होना जरूरी है, लेकिन सिर्फ पासपोर्ट होना अपने आप में नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं बनता।
भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं
केंद्र सरकार ने यह भी बताया कि भारत में Dual Citizenship यानी दोहरी नागरिकता की व्यवस्था नहीं है। विदेश राज्य मंत्री ने संविधान के अनुच्छेद 9 और 11 तथा Citizenship Act, 1955 की धारा 9 का हवाला देते हुए कहा कि यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से किसी दूसरे देश की नागरिकता ले लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता समाप्त हो जाती है। ऐसी स्थिति में उसका भारतीय पासपोर्ट भी अमान्य हो जाता है और उसे सरकार के पास जमा करना होता है।
नागरिकता साबित करने वाले दस्तावेज़ों पर बहस जारी
सरकार का ताजा बयान ऐसे समय आया है जब यह चर्चा तेज है कि भारतीय नागरिकता साबित करने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज़ मान्य हैं।
केंद्र ने यह साफ किया कि भारतीय पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को जारी किया जाता है, लेकिन उसने ऐसा कोई एक दस्तावेज़ नहीं बताया जिसे नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जाए।
पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया
विदेश मंत्रालय के अनुसार, पासपोर्ट जारी करने से पहले आवेदक के दस्तावेज़ों की जांच की जाती है और नियमों के अनुसार सत्यापन किया जाता है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पासपोर्ट केवल योग्य भारतीय नागरिकों को ही दिया जाए।
पहले भी मंत्रालय दे चुका है यही जानकारी
इससे पहले भी विदेश मंत्रालय कई बार कह चुका है कि भारतीय पासपोर्ट का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय यात्रा को नियंत्रित करना है। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने भी कहा था कि भारतीय पासपोर्ट Passport Act, 1967 के तहत जारी किया गया यात्रा दस्तावेज़ है, जिसका इस्तेमाल भारतीय नागरिकों की विदेश यात्रा को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है।










