बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बीआरआईसीएस सम्मेलन में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को आमंत्रित नहीं किए जाने को लेकर राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष सह बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने रविवार यानी 13 सितंबर को तंज कसा। उन्होंने कहा कि शायद इस डर से मुख्यमंत्री को नहीं बुलाया गया कि कहीं वह वहां जाकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से ही न कह दें- ’व्याकुल मत हो।’ तेजस्वी यादव ने कहा कि जब सम्राट चौधरी मंत्री रहते हुए बिहार विधानसभा के अध्यक्ष से इस तरह की बात कह सकते हैं तो शायद बीआरआईसीएस सम्मेलन में जाकर भी कुछ ऐसा ही बोल देते। तेजस्वी यादव रविवार को राजधानी पटना में 1, पोलो रोड स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने बिहार में बाढ़ की स्थिति, सीतामढ़ी में राजद के जिला उपाध्यक्ष बैद्यनाथ महतो की हत्या और राज्य सरकार की कार्यशैली को लेकर भी जमकर निशाना साधा।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में बाढ़ से बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हैं। उन्होंने दावा किया कि इस मुद्दे को लेकर कई बार मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री को पत्र लिखा गया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने कहा कि सरकार को जवाब देना चाहिए या नहीं देना चाहिए, लेकिन बिहार की जनता ने जनादेश दिया है और सरकार की जिम्मेदारी लोगों के लिए काम करने की है। उन्होंने डबल इंजन की सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि ’डबल इंजन की सरकार है, लेकिन लगता है कि दोनों इंजन में आग लग गई है।’ तेजस्वी यादव ने कहा कि राज्य के लोग बाढ़ की वजह से परेशान हैं। उन्होंने केंद्र सरकार से बिहार में बाढ़ को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और विशेष पैकेज देने की मांग की। लेकिन, अब तक इस पर कोई सुनवाई नहीं हुई है। बिहार से एनडीए के 7 मंत्री हैं और 31 लोकसभा के सांसद हैं। लेकिन, बिहार के लोगों को उनके हालात पर छोड़ दिया गया है ।
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार में 45 लाख से अधिक लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव के समय वोट लेने के लिए लिट्टी-चोखा खाने आते हैं। तेजस्वी यादव के मुताबिक, जून में 3-4 हजार करोड़ रुपये आकस्मिक फंड से निकाले गए थे और इस राशि का इस्तेमाल आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए किया जाना चाहिए था।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने सीतामढ़ी में राजद के जिला उपाध्यक्ष बैद्यनाथ महतो की हत्या को लेकर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मृतक राजद के जिला उपाध्यक्ष थे। उन्होंने कुछ दिन पूर्व ही थाने जाकर रिपोर्ट दर्ज कराने की कोशिश की थी। लेकिन, उनकी शिकायत नहीं सुनी गई। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बाद में उनकी हत्या कर दी गई और उन्हें 9 गोलियां मारी गईं। उन्होंने पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब पुलिस जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनती है तो आम जनता की शिकायतों का क्या होगा।
बाढ़ के मुद्दे पर तेजस्वी यादव ने नमो सरकार के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमित शाह ने बिहार में बाढ़ रोकने की घोषणा की थी। लेकिन, अब तक स्थिति देखने के लिए बिहार नहीं आए। तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की मौजूदा स्थिति के लिए सत्ता में बैठे लोग जिम्मेदार हैं और सरकार को बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए। बीआरआईसीएस सम्मेलन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को आमंत्रित नहीं किए जाने के सवाल पर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने व्यंग्य करते हुए कहा कि ’कितने योग्य हैं, वही आधार होगा।’ उन्होंने आगे कहा कि पत्रकारों के द्वारा सवाल पूछने पर सरकार को बुरा लगता है और पत्रकारों को मंत्री से लेकर के पुलिस तक पीटने का काम कर रही है। इनको प्रताड़ित कर रही है। क्योंकि, सरकार में बैठे हुए लोग सच और सच्चाई देखना नहीं चाहते हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बिहार विधानसभा में राजद के मुख्य सचेतक कुमार सर्वजीत पासवान एवं राजद के प्रदेश प्रवक्ता एजाज अहमद भी उपस्थित थे।











