हरी मोहन श्रीवास, झांसी मंडल ब्यूरो
झाँसी – उत्तर प्रदेश के झांसी से इस वक्त की सबसे बड़ी और सनसनीखेज खबर आ रही है। झारखंड का जामताड़ा तो आपने सुना होगा, लेकिन अब बुंदेलखंड के झांसी का कटेरा इलाका साइबर ठगों का नया ‘मिनी जामताड़ा’ बन चुका था।
देर रात जब लोग सो रहे थे, तब डीआईजी रेंज और अपर पुलिस अधीक्षक अरीबा नोमान के नेतृत्व में पुलिस ने एक ऐसा चक्रव्यूह रचा कि ठगों को भागने का मौका तक नहीं मिला।
झांसी के कटेरा थाना क्षेत्र के तीन प्रमुख गांवों—मौरयाना, खैरयाना और काड़ौर में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 3 बजे पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीमों ने अब तक की सबसे बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। इस महा-ऑपरेशन की कमान खुद डीआईजी रेंज संभाल रहे थे, जिसमें कई थानों की फोर्स और क्षेत्राधिकारी (CO) शामिल रहे।
रात के अंधेरे में अपराधियों की हर हरकत को कैद करने और उन्हें भागने से रोकने के लिए आसमान में ड्रोन कैमरे उड़ाए गए। पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर 4 घंटे तक सघन तलाशी अभियान (डोर टू डोर सर्च) चलाया।
इस ताबड़तोड़ छापेमारी में पुलिस ने महिलाओं समेत लगभग 200 से 300 संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है।
प्रारंभिक छानबीन में पुलिस ने मौके से ठगी में इस्तेमाल होने वाले भारी मात्रा में मोबाइल फोन, इंटरनेट राउटर, फर्जी दस्तावेज और चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस के फर्जी सायरन भी बरामद किए हैं!
हिरासत में लिए गए लोगों से किसी गुप्त स्थान पर मैराथन पूछताछ की जा रही है। पन्ना पुलिस की पुरानी इनपुट और हाल ही में ऑनलाइन सट्टेबाजी के मामलों को जोड़कर इस पूरे अंतरराष्ट्रीय ठगी नेटवर्क को क्रैक किया जा रहा है।












