पंजाब सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत अमृतसर विकास प्राधिकरण (ए.डी.ए.) के मुख्य प्रशासक श्री नितेश कुमार जैन, आईएएस तथा अतिरिक्त मुख्य प्रशासक श्री इनायत, पीसीएस के आदेशों का पालन करते हुए जिला नगर योजनाकार (रेगुलेटरी) विंग द्वारा थाना कथूनंगल की पुलिस की उपस्थिति में गांव पाखरपुरा स्थित पठानकोट रोड पर विकसित की जा रही 04 अनधिकृत कॉलोनियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें ध्वस्त कर दिया गया। इसके अतिरिक्त गांव चाविंडा देवी में पुलिस की अनुपस्थिति में विकसित की जा रही 02 अनधिकृत कॉलोनियों को भी ध्वस्त किया गया।
जिला नगर योजनाकार ने जानकारी देते हुए बताया कि भविष्य के सुनियोजित विकास को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार के निर्देशों के अनुसार गांव पाखरपुरा तथा गांव चाविंडा देवी में विकसित की जा रही इन अनधिकृत कॉलोनियों को पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन एक्ट (पापरा), 1995 के तहत नोटिस जारी कर विकास कार्य बंद करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कॉलोनी मालिकों द्वारा न तो कोई स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया और न ही विकास कार्य रोके गए। इसके चलते सक्षम अधिकारियों के निर्देशानुसार 07 जुलाई, 2026 को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई अमल में लाई गई।
उन्होंने बताया कि इन अनधिकृत कॉलोनियों के मालिकों ने सरकारी नियमों की खुली अवहेलना करते हुए नोटिस जारी होने के बावजूद अवैध विकास कार्य जारी रखे, जिसके कारण उनके विरुद्ध यह कार्रवाई की गई।
उन्होंने आगे बताया कि अमृतसर-बटाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित गांव पाखरपुरा में विकसित की जा रही इन अनधिकृत कॉलोनियों के विरुद्ध इससे पहले भी 16 जनवरी, 2025 को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद कॉलोनी मालिकों ने पुनः विकास कार्य शुरू कर दिए थे, जिसके कारण नए निर्माण एवं विकास कार्यों को फिर से ध्वस्त किया गया।

जिला नगर योजनाकार ने स्पष्ट किया कि पापरा अधिनियम, 1995 में वर्ष 2024 में किए गए संशोधन के अनुसार अनधिकृत कॉलोनी विकसित करने वाले व्यक्ति को 5 से 10 वर्ष तक के कारावास तथा 25 लाख रुपये से 5 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने बताया कि संबंधित भूमि मालिकों एवं कॉलोनी विकसित करने वालों के विरुद्ध राजस्व अभिलेखों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए पुलिस विभाग को भी लिखा जा रहा है।
ए.डी.ए. के रेगुलेटरी विंग ने आम जनता से अपील की कि वे ऐसी किसी भी अनधिकृत कॉलोनी में, जिसे पुड्डा/सक्षम प्राधिकरण से स्वीकृति प्राप्त नहीं है, प्लॉट खरीदने से पहले संबंधित कॉलोनी की स्वीकृति अवश्य जांच लें। साथ ही अमृतसर विकास प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध अनधिकृत कॉलोनियों की सूची एवं विवरण का भी अवलोकन करें, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान एवं भविष्य में कानूनी परेशानियों का सामना न करना पड़े।
उन्होंने यह भी अपील की कि जिले में किसी भी स्थान पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पूर्व पुड्डा/सक्षम प्राधिकरण से आवश्यक अनुमतियां अवश्य प्राप्त करें तथा अनुमोदन मिलने के बाद ही निर्माण कार्य आरंभ करें।






