बिहार में खान सर और रौशन आनंद सर कोचिंग विवाद अब सियासी रंग लेता जा रहा है। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के छोटे लाल नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव के मुख्यमंत्री को लिखे गए पत्र पर राज्य सरकार की ओर से तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है। बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने लालू पुत्र तेजस्वी यादव पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।
भाजपा नेता व राज्य के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि सरकार पूरे मामले पर गंभीरता से नजर रखे हुए है। मामले के हर पहलू की समीक्षा की जा रही है। लेकिन, विपक्ष को ऐसे संवेदनशील मामलों पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव को हर मुद्दे को राजनीतिक मंच बनाने की आदत छोड़नी चाहिए। रामकृपाल यादव ने इस विवाद को शिक्षा जगत के लिए चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में असामाजिक तत्वों की दखलंदाजी और केवल व्यावसायिक लाभ के लिए चल रही गतिविधियां बिहार के शैक्षणिक माहौल को प्रभावित कर रही हैं। उनके मुताबिक, शिक्षा का उद्देश्य छात्रों का भविष्य बनाना होना चाहिए, न कि विवाद और टकराव पैदा करना।
सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि खान सर और रौशन आनंद सर से जुड़े विवाद को कुछ लोग जाति और धर्म के चश्मे से देखने की कोशिश कर रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफार्म ’एक्स’ पर इसे यादव बनाम मुस्लिम का रंग देने की कोशिश हो रही है। उन्होंने कहा कि गुरु और शिक्षा को कभी भी जाति या धर्म के आधार पर नहीं बांटना चाहिए। इससे समाज और छात्रों दोनों को नुकसान पहुंचेगा। रामकृपाल ने कहा कि पहले बिहार के हजारों छात्र कोटा, दिल्ली व पुणे जैसे शहरों में पढ़ने जाते थे। लेकिन, अब राजधानी पटना में भी बेहतर शैक्षणिक माहौल विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि कई शिक्षकों की मेहनत से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को अपने राज्य में ही अच्छी शिक्षा मिलने लगी है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से अपील करते हुए कहा कि खान सर और रौशन आनंद सर के विवाद को राजनीतिक अखाड़ा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मामले को शिक्षा और कानून के दायरे में ही सुलझाना राज्य और छात्रों के हित में होगा।











