रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वित्त वर्ष 2025-26 में सरकारी खजाने में ₹2,16,472 करोड़ का योगदान दिया है। इसमें टैक्स, ड्यूटी, लेवी और सरकार को किए गए अन्य भुगतान शामिल हैं। वित्त वर्ष 2024-25 में यह योगदान ₹2,10,269 करोड़ था। इस तरह सालाना आधार पर इसमें करीब 2.95 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के दौर में सरकारी खजाने में इतना बड़ा योगदान, देश के लिए कंपनी की आर्थिक भूमिका को रेखांकित करता है।
कंपनी के अनुसार, पिछले 10 वर्षों में रिलायंस का राष्ट्रीय कोष में कुल योगदान ₹15 लाख करोड़ से अधिक हो चुका है। FY26 में रिलायंस ने कुल ₹4,63,448 करोड़ की वैल्यू जोड़ी, जिसमें से सबसे बड़ा हिस्सा सरकार को मिला। कंपनी द्वारा बनाई गई हर ₹100 की वैल्यू में से करीब ₹47 सरकारी खजाने में गए।
इसी दौरान रिलायंस का समाज पर खर्च भी बढ़ा। FY26 में कंपनी ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी यानी CSR पर ₹2,248 करोड़ खर्च किए, जो पिछले वित्त वर्ष के ₹2,156 करोड़ से 4.3 प्रतिशत अधिक है। कोविड के बाद से रिलायंस का कुल CSR खर्च ₹9,500 करोड़ से ज्यादा हो गया है।
रिलायंस फाउंडेशन की सामाजिक पहलों ने अब तक देशभर में 9.7 करोड़ से अधिक लोगों तक पहुंच बनाई है। ये काम ग्रामीण बदलाव, शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल, महिला सशक्तिकरण, पशु कल्याण और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में किए गए हैं।
कंपनी के मुताबिक रिलायंस फाउंडेशन स्कॉलरशिप कार्यक्रम के तहत हर साल 5,100 छात्रों को सहायता दी जा रही है। वहीं ग्रामीण परिवर्तन कार्यक्रम में किसानों की आय और उत्पादन में सुधार दर्ज किया गया है। रिलायंस फाउंडेशन आने वाले वर्षों में शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका से जुड़े कामों को और विस्तार देने पर ध्यान दे रहा है।
रिलायंस के FY26 आंकड़े बताते हैं कि कंपनी की वृद्धि का असर केवल कारोबार तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकारी राजस्व और सामाजिक विकास में भी उसका बड़ा योगदान है।






