अमृतसर,(नितिन) — पंजाब के किसानों को पराली के उचित प्रबंधन के लिए आधुनिक मशीनरी उपलब्ध करवाने और पर्यावरण हितैषी कृषि को बढ़ावा देने के लिए पंजाब सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए पनसप के चेयरमैन स. प्रभबीर सिंह बराड़ ने कहा कि मौजूदा खरीफ सीजन के दौरान राज्य के किसानों द्वारा अब तक 16,227 फसल अवशेष प्रबंधन (सी.आर.एम.) मशीनें खरीदी जा चुकी हैं। इन मशीनों की खरीद के लिए पंजाब सरकार द्वारा किसानों को 183 करोड़ रुपये की सब्सिडी जारी की गई है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों को पराली जलाने के बजाय वैज्ञानिक ढंग से फसल अवशेषों का प्रबंधन करने के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है।
स. प्रभबीर सिंह बराड़ ने बताया कि सी.आर.एम. मशीनों की खरीद के लिए व्यक्तिगत किसानों को 50 प्रतिशत, जबकि कस्टम हायरिंग सेंटरों (सी.एच.सी.), एफ.पी.ओ., सहकारी समितियों और ग्राम पंचायतों को 80 प्रतिशत सब्सिडी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के इन प्रयासों और किसानों के सहयोग से राज्य में पराली जलाने की घटनाओं में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में पराली जलाने की 49,922 घटनाएं दर्ज की गई थीं, जो वर्ष 2025 में घटकर 5,114 रह गईं। इस प्रकार पराली जलाने की घटनाओं में करीब 90 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने कहा कि पंजाब द्वारा फसल अवशेष प्रबंधन के लिए अपनाई गई रणनीति को राष्ट्रीय स्तर पर भी मान्यता मिली है।
पनसप के चेयरमैन ने किसान समुदाय से अपील की कि वे फसल अवशेषों को आग लगाने से गुरेज करें और उपलब्ध मशीनरी का उपयोग करते हुए वैज्ञानिक ढंग से पराली का प्रबंधन करें। उन्होंने कहा कि पराली का वैज्ञानिक प्रबंधन करने से न केवल पर्यावरण संरक्षण में योगदान मिलेगा, बल्कि मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और कृषि को लंबे समय तक टिकाऊ बनाने में भी मदद मिलेगी।










