National ( नितिन ) : भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने दावा किया है कि पाकिस्तान के बलूचिस्तान में एक और ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब को कथित तौर पर ध्वस्त कर दिया गया है और उसकी जगह मॉल का निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने इस मामले को सिख धार्मिक विरासत के लिए गंभीर चिंता का विषय बताते हुए भारत सरकार से पाकिस्तान के सामने मुद्दा उठाने की मांग की है।
आरपी सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा कि बलूचिस्तान सिख सभा के अनुसार, पाकिस्तान में सिख धार्मिक विरासत के व्यवस्थित विनाश का यह एक और चिंताजनक उदाहरण है। उनके मुताबिक, सिख समुदाय से मिली रिपोर्टों के अनुसार बलूचिस्तान में कभी 12 गुरुद्वारे हुआ करते थे, लेकिन अब इनमें से केवल दो ही बचे हैं।
उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा साहिब केवल एक इमारत या जमीन का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह सिख धर्म के इतिहास, आस्था, संघर्ष और बलिदानों से जुड़ा पवित्र स्थल है। ऐसे धार्मिक स्थल को ध्वस्त कर वहां व्यावसायिक निर्माण करना सिख समुदाय की धार्मिक भावनाओं और विरासत के प्रति गंभीर अपमान है।
आरपी सिंह ने विदेश मंत्रालय (MEA) से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने की अपील की। उन्होंने पाकिस्तान सरकार से गुरुद्वारे के कथित विध्वंस की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराने, संबंधित जमीन पर किसी भी व्यावसायिक निर्माण को रोकने तथा ऐतिहासिक गुरुद्वारा परिसर के पुनर्निर्माण और संरक्षण की मांग की।
उन्होंने यह भी मांग की कि बलूचिस्तान समेत पूरे पाकिस्तान में मौजूद सभी गुरुद्वारों और सिख धार्मिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही, गुरुद्वारा ध्वस्त करने और उसके बाद व्यावसायिक निर्माण कराने के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की गई।
आरपी सिंह ने अपने पोस्ट में कहा कि भारत सरकार पहले ही फारूकाबाद स्थित करीब 125 वर्ष पुराने गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा साहिब के कथित विध्वंस की कड़ी निंदा कर चुकी है और इसे ‘अत्यंत निंदनीय और लक्षित तोड़फोड़’ बताते हुए उसके पुनर्स्थापन की मांग कर चुकी है। उन्होंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से भी मामले का तत्काल संज्ञान लेने और पाकिस्तान में सिख धार्मिक विरासत के कथित विनाश के खिलाफ स्पष्ट बयान जारी करने की अपील की।











