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एक्शन में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव पुलिस अधिकारियों को जारी की हिदायतें

On: August 19, 2026 11:27 AM
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जालंधर/चंडीगढ़ (धवन): पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने फिल्लौर स्थित 134 वर्ष पुराने महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी में ‘पंजाब पुलिस में महिलाओं का मुख्यधारा में समावेश’ परियोजना के तीसरे चरण के तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्घाटन किया।

पंजाब पुलिस के कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन (सी.ए.डी.) द्वारा जे-पाल साउथ एशिया और हार्टेक फाऊंडेशन के सहयोग से चलाए जा रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य पुलिसकर्मियों में लैंगिक संवेदनशीलता और पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग की समझ को मजबूत करना है। दिसम्बर 2025 से तीन चरणों में आयोजित किए जा रहे इस प्रशिक्षण का यह अंतिम चरण है, जिसमें कुल 1,453 नामांकित पुलिस अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। पहले दिन मिश्रित समूह, दूसरे दिन केवल पुरुष अधिकारियों और तीसरे दिन केवल महिला अधिकारियों के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया जाएगा।

डी.जी.पी. गौरव यादव ने कहा कि तीनों चरणों के माध्यम से राज्य के 384 पुलिस थानों से जुड़े करीब 1,500 से 2,000 पुलिसकर्मियों को लैंगिक संवेदनशील, अधिकार-आधारित और पीड़ित-केंद्रित पुलिसिंग के लिए आवश्यक कौशल एवं समझ प्रदान की जा रही है। इसमें विशेष रूप से महिलाओं, बच्चों और समाज के अन्य संवेदनशील वर्गों के साथ संवेदनशील व्यवहार पर जोर दिया जा रहा है।

इस अवसर पर डी.जी.पी. गौरव यादव ने पंजाब पुलिस के सांझ प्लेटफॉर्म पर रक्षा मंत्रालय (एम.ओ.डी.) सत्यापन के लिए ऑनलाइन डिजिटल पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इस डिजिटल पहल से नवनियुक्त रक्षा कर्मियों के सत्यापन की प्रक्रिया को सरल और तेज किया जाएगा तथा महीनों लगने वाली प्रक्रिया अब कुछ ही दिनों में पूरी हो सकेगी।

यादव ने पुलिसिंग को नागरिक-केंद्रित बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि पुलिस थानों में शिकायत लेकर आने वाले प्रत्येक व्यक्ति के साथ सहानुभूति, संवेदनशीलता और सम्मान के साथ व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा सरकारी सेवाओं, जिसमें पुलिस विभाग भी शामिल है, में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है। ऐसे में पुलिस व्यवस्था को भी अधिक समावेशी और महिला-अनुकूल बनाना आवश्यक है।

डी.जी.पी. ने कहा कि महिला पुलिस अधिकारियों को केवल कार्यालय या डेस्क संबंधी जिम्मेदारियों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उन्हें जांच, खुफिया कार्य और कानून-व्यवस्था बनाए रखने जैसी परिचालन जिम्मेदारियों में भी सक्रिय भूमिका दी जानी चाहिए। विशेष डी.जी.पी. कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन गुरप्रीत कौर देव ने बताया कि यह कार्यक्रम ‘ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स’ मॉडल पर आधारित है। इसके तहत विभिन्न जिलों के 60 पुलिस अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है।

इससे पहले डी.जी.पी. गौरव यादव और विशेष डी.जी.पी. गुरप्रीत कौर देव ने महाराष्ट्र कैडर की पूर्व डी.जी.पी. मीरन चड्ढा बोरवणकर और पंजाब कैडर के पूर्व डी.जी.पी. आर.सी. सिंह सहित अन्य प्रशिक्षकों का स्वागत किया। दोनों पूर्व पुलिस अधिकारियों ने कार्यक्रम में विशेष सत्र आयोजित किए। आर.सी. सिंह ने ‘लैंगिक संवेदनशील पुलिसिंग : दृष्टिकोण से व्यवहार तक’ विषय पर, जबकि मीरन सी. बोरवणकर ने ‘पुलिसिंग में महिलाएं : नेतृत्व और समावेश’ विषय पर विचार रखे।

वहीं, रक्षा मंत्रालय के मानव संसाधन निदेशक आरोन पामेई ने पंजाब पुलिस की इस पहल की सराहना की। उन्होंने सांझ पोर्टल पर ऑनलाइन डिजिटल सत्यापन मॉड्यूल विकसित करने के लिए डी.जी.पी. यादव और पंजाब पुलिस की आई.टी. टीम का आभार व्यक्त किया। समारोह के दौरान जी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, चंडीगढ़ के जनसंचार विभाग द्वारा घरेलू हिंसा पर तैयार की गई डॉक्यूमैंट्री फिल्म भी प्रदर्शित की गई।

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