National ( नितिन ) : देश 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों के अंतिम पड़ाव में है। स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभर में राष्ट्रभक्ति का माहौल देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने NDA के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों के साथ संसद के 2026 के मॉनसून सत्र के दौरान NDA संसदीय दल की बैठक ‘मंगल मिलन’ में हिस्सा लिया। बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी समेत सभी सांसदों ने हाथों में तिरंगा लेकर राष्ट्र के प्रति अपनी एकजुटता और सम्मान का संदेश दिया।
‘वंदे मातरम्’ के उद्घोष से गूंजा माहौल
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तिरंगा शान से लहराया गया। इस दौरान देशभक्ति की भावना से पूरा माहौल सराबोर नजर आया और ‘वंदे मातरम्’ का उद्घोष गूंज उठा। सांसदों ने तिरंगा लहराकर स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों और राष्ट्र की एकता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का संदेश दिया।
यह आयोजन ऐसे समय हुआ है जब देशभर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान चलाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार लोगों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और अपने घरों पर तिरंगा फहराकर स्वतंत्रता दिवस के उत्सव में सहभागी बनने की अपील कर रहे हैं।

‘हर घर तिरंगा’ अभियान को मिला नया उत्साह
स्वतंत्रता दिवस से पहले देश के अलग-अलग हिस्सों में तिरंगा यात्राओं, कार्यक्रमों और अन्य गतिविधियों के जरिए लोगों को अभियान से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। NDA संसदीय दल की बैठक में सांसदों का तिरंगा लहराना भी इसी राष्ट्रव्यापी अभियान के प्रति समर्थन के तौर पर देखा गया।
लाल किले पर इस बार दिखेगा ऐतिहासिक बदलाव
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह में इस बार लाल किले की प्राचीर से एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा। मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री के पहुंचने के बाद पहली बार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन किया जाएगा। इसके बाद तिरंगा फहराया जाएगा और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ का गायन होगा। ऐसे में NDA सांसदों की बैठक में ‘वंदे मातरम्’ की गूंज और तिरंगा लहराने का दृश्य स्वतंत्रता दिवस से पहले राष्ट्रभक्ति के माहौल को और मजबूत करता नजर आया।
तिरंगे के साथ एकता और राष्ट्र गौरव का संदेश
तिरंगा भारत की स्वतंत्रता, संप्रभुता और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। स्वतंत्रता दिवस से पहले सांसदों का एक साथ तिरंगा लहराना देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता के प्रति प्रतिबद्धता का संदेश देता है।
देश अब 15 अगस्त के ऐतिहासिक दिन का इंतजार कर रहा है। लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संबोधन, तिरंगा फहराने का गौरवपूर्ण क्षण और राष्ट्रगान के साथ पूरा देश स्वतंत्रता के 80वें वर्ष के उत्सव में शामिल होगा।






