बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार के जमुई में एक छात्रा से छेड़छाड़ का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि समस्तीपुर से भी एक युवती के साथ सरेराह अभद्रता का एक वीडियो सामने आ गया। समस्तीपुर जिला मुख्यालय के महज कुछ किलोमीटर दूर कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव स्थित बूढ़ी गंडक नदी के बांध पर बने बाईपास रोड पर फोटो लेने रुकी एक युवती को कुछ युवकों ने कथित तौर पर घेर लिया। आरोप है कि उसके साथ गाली-गलौज और बैड टच किया गया। इस दौरान किसी ने घटना का वीडियो बना लिया, जो बुधवार यानी 23 सितंबर की देर शाम वायरल हो गया। उधर, वीडियो सामने आने के बाद समस्तीपुर पुलिस सक्रिए हुई। फिलहाल, पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए जगतसिंहपुर गांव के 4 युवकों को गिरफ्तार किया है। घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए भी पुलिसिया छानबीन जारी है। हालांकि, युवती या उसके परिजनों की ओर से अब तक थाने में कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस ने बताया कि वीडियो में दिखाई दे रही लड़की प्रथमदृष्ट्या नाबालिक प्रतीत हो रही है। तत्काल उसकी पहचान स्थापित नहीं हो पाने और मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस पदाधिकारी के बयान के आधर पर कर्पूरीग्राम थाना में एक प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), पौक्सो एक्ट और आईटी की सुसंगत धाराएं लगाई गई है। कर्पूरीग्राम थाना कांड संख्या-117/26, दिनांक 24 सितंबर 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, युवती एक युवक के साथ बांध पर बने बाइपास रोड से मोटर साइकिल से गुजर रही थी। दोनों सड़क किनारे रुककर फोटो ले रहे थे। इसी दौरान 3-4 युवक वहां पहुंचे और युवती को घेर लिया। आरोप है कि मनचले युवकों ने उसके साथ बदसलूकी शुरू कर दी। वायरल वीडियो में कुछ युवक, युवती से उसका नाम-पता पूछते हैं और कथित तौर पर गाली-गलौज करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में युवती के साथ गलत तरीके से छूने यानी बैड टच और उसे सड़क पर खींचते दिखाई दे रहे है। यह घटना 15 सितंबर की है। घटना के दौरान वहां मौजूद किसी व्यक्ति ने मोबाइल से वीडियो बना लिया। लेकिन, 23 सितंबर की देर शाम वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला बिहार पुलिस के संज्ञान में आया। फिर बिहार पुलिस सक्रिय हुई। इसके बाद समस्तीपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वारयल वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की पहचान शुरू की।

पुलिस द्वारा चिह्नित आरोपित युवकों की पहचान कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र स्थित जगतसिंहपुर गांव निवासी विकास कुमार शर्मा व राहुल कुमार के रूप में हुई है। विकास शर्मा पर शराब से जुड़े कई मामले दर्ज हैं। समस्तीपुर के पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह का कहना है कि बिहार व समस्तीपुर पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी। इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में विकास कुमार शर्मा, राहुल कुमार, अवधेश पासवान व रामबाबू सहनी शामिल है। पुलिस वीडियो में नजर आ रही नाबालिग लड़की की पहचान करने में जुटी है। यह वीडियो एक आरोपी के पास से बरामद मोबाइल से पता चला है कि यह वीडियो 15 सितंबर का है। लेकिन, वायरल पहली बार 23 सितंबर की रात 9 बजे हुई है। मोबाइल सीज कर लिया गया है। पुलिस ने महज 6 घंटे के अंदर घटना में शामिल 4 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के जरिये पुलिस घटना से जुड़े अन्य लोगों और पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है। इधर, कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र में युवती से छेड़खानी के बाद अब समस्तीपुर के ही मुसरीघरारी थाना क्षेत्र से इसी तरह की दूसरी घटना का वीडियो वायरल होने की सूचना है। वायरल वीडियो में स्कूटी सवार युवक-युवती के साथ कुछ लोग बदसलूकी, गाली-गलौज और मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान के लिए भी पुलिसिया छानबीन जारी है

दूसरी ओर कथित छेड़खानी की घटना के विरोध में गुरूवार की शाम को समस्तीपुर शहर के स्टेडियम गोलंबर पर नागरिक समाज, आइसा एवं ऐपवा के संयुक्त तत्वावधान में प्रतिवाद जुलूस निकालकर सभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर घटना के प्रति आक्रोश व्यक्त किया और मां-बहन-बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। इस सभा की अध्यक्षता ऐपवा की जिलाध्यक्ष बंदना सिंह एवं आइसा जिलाध्यक्ष लोकेश राज ने संयुक्त रूप से की। जबकि, संचालन भाकपा-माले जिला कमिटी सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह व आइसा जिला सचिव सुनील कुमार ने किया।
उधर, बिहार के जमुई व समस्तीपुर में छात्राओं से बदसलूकी और छेड़खानी के वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच राजद के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष व लालू पुत्र नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने सम्राट सरकार को घेरते हुए कहा कि जमुई के बाद अब समस्तीपुर का एक वीडियो वायरल हो रहा है। यह बेहद निंदनीय है। लेकिन, यहां भाजपा का शासन है। पहली बार यहां भाजपा का मुख्यमंत्री है। कानून व्यवस्था का पूरी तरह से जनाजा निकल चुका है। उन्होंने प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिहार में सैकड़ों अपराध हो रहे हैं। कल ही पटना सिटी में एक जनप्रतिनिधि को गोली मार दी गई। जब कोई आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति खुद मुख्यमंत्री बन जाता है, तो ऐसी स्थिति पैदा होती है। उन्होंने कहा कि बिहार में ऐसे गंभीर मामले लगातार सामने आ रहे हैं। आपका प्रशासन और पुलिस आखिर क्या कर रही है? पूरे देश में बिहार को शर्मसार किया जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपने बयान में राज्य की बदहाल स्थिति के लिए सीधे तौर पर सत्ता पक्ष को जिम्मेदार ठहराते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सत्ता में बैठे निर्लज्ज मंत्री ऐसी गंभीर और शर्मनाक घटनाओं को ’छिटपुट घटना’ बताकर अपना पल्ला झाड़ लेते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जाति देखकर अपराधियों को सम्मानित करते हैं और कार्रवाई के बजाए मामलों को दबाने का काम करते हैं। साथ ही, उन्होंने नमो सरकार के केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी पर भी तंज कसते हुए कहा कि अब वे भी इस मामले में अपनी रिश्तेदारी निकालने का प्रयास करेंगे। तेजस्वी यादव ने यह भी कहा कि बिहार में प्रतिदिन हत्या, लूट, अपहरण और फिरौती की घटनाएं हो रही हैं। बच्चियों और महिलाओं के साथ लगातार बलात्कार हो रहे हैं और अपराधी बेलगाम हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि थाना और ब्लॉक स्तर पर फैले भ्रष्टाचार से जनता त्रस्त है। पुलिस का ध्यान कानून व्यवस्था से हटकर शराबबंदी के नाम पर ’धन शोधन’ (अवैध वसूली) में लगा हुआ है।
वहीं, बिहार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री डॉ.अशोक चौधरी ने एक विवादित बयान दिया है। कहा कि इस तरह की घटनाएं केवल बिहार में ही नहीं, बल्कि अमेरिका और जापान जैसे विकसित देशों में भी होती हैं। ऐसी घटनाओं को रोकना किसी एक व्यक्ति के बस में नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार के लिए यह दावा करना संभव नहीं है कि उसके यहां कभी अपराध नहीं होगा। जिससे आम लोगों में आक्रोश है। क्योंकि, उनकी बड़ी पुत्री शांभवी चौधरी समस्तीपुर की लोजपा सांसद हैं। सांसद शांभवी चौधरी ने भी इस तरह के घटनाओं की घोर निंदा की हैं। शांभवी चौधरी ने घटना को पीड़ादायक बताते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि सरकार ने पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए तेजी से कार्रवाई की है और आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय न हो, इसके लिए प्रशासन को तत्पर रहना चाहिए। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, समस्तीपुर मामले में पुलिस ने वीडियो सामने आने के बाद आरोपियों की पहचान कर 4 लोगों को गिरफ्तार किया है









