पंजाब लुधियाना(नितिन): महानगर में धार्मिक स्थलों की मर्यादा भंग करने और सौहार्द बिगाड़ने का एक और बेहद शर्मनाक व निंदनीय मामला सामने आया है। गुरुद्वारा श्री गुरु रविदास साहिब जी (धार्मिक सभा) में शुक्रवार शाम एक उपद्रवी व्यक्ति ने नंगे सिर और पैरों में जूते पहनकर दाखिल होकर पावन मर्यादा को तार-तार कर दिया।
आरोपी ने गुरुद्वारा साहिब के भीतर लगीं श्री गुरु रविदास जी महाराज और भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की पावन तस्वीरों को फाड़कर फेंक दिया। जब मौके पर मौजूद सेवादारों ने उसे रोकने की कोशिश की, तो आरोपी ने उनके साथ मारपीट व हाथापाई शुरू कर दी। गुरुद्वारा साहिब में मौजूद संगत ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी जय प्रकाश को मौके पर ही दबोच लिया और सूचना देकर पुलिस पार्टी के हवाले कर दिया। गुरुद्वारा साहिब के मुख्य सेवादार (हेड ग्रंथी) कुलदीप सिंह ने पुलिस को दर्ज करवाए अपने आधिकारिक बयानों में बताया कि वह गुरुद्वारा श्री गुरु रविदास साहिब जी धार्मिक सभा में बतौर हेड ग्रंथी अपनी सेवाएं निभा रहे हैं। 23 अक्टूबर की शाम करीब 7:45 बजे वह रोजमर्रा की तरह गुरुद्वारा साहिब के भीतर अपनी धार्मिक ड्यूटी कर रहे थे।
उसी समय एक व्यक्ति गुरु मर्यादा और नियमों की सरेआम धज्जियां उड़ाते हुए नंगे सिर और पैरों में जूते पहने हुए सीधे गुरुद्वारा साहिब के मुख्य हॉल में दाखिल हो गया। अंदर घुसते ही आरोपी ने बिना किसी उकसावे के गुरुद्वारा साहिब में सुशोभित श्री गुरु रविदास साहिब जी और बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर जी की पावन तस्वीरों को पकड़कर फाड़ दिया। आरोपी की इस नापाक हरकत को देखकर गुरुद्वारा साहिब में मौजूद बीबी रेशम कौर और उनके पति राज कुमार तुरंत आगे बढ़े और उसे रोकने का प्रयास किया। इस पर आरोपी उग्र हो गया और उसने दोनों के साथ गाली-गलौज करते हुए धक्का-मुक्की और हाथापाई शुरू कर दी। शोर सुनकर हेड ग्रंथी और आसपास मौजूद अन्य श्रद्धालु (संगत) तुरंत मौके पर पहुंचे। संगत ने भारी रोष के बीच आरोपी को मौके पर ही काबू कर लिया और तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी।






