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बिहार में कोसी डैम, नदी जोड़ परियोजना और धार्मिक कॉरिडोर पर दिल्ली में हुई बड़ी बैठक, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खुलकर रखी अपनी बात

On: August 23, 2026 4:27 AM
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बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ बैठक में राज्य के विकास से जुड़ी कई बड़ी परियोजनाओं का मुद्दा उठाया। शुक्रवार यानी 21 अगस्त को आयोजित इस बैठक में केंद्रीय बजट में बिहार के लिए की गई घोषणाओं और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्र सरकार से बिहार के लिए अपेक्षित सहयोग और लंबित परियोजनाओं पर जल्द कार्रवाई का अनुरोध किया। बैठक में कोसी-मेची लिंक, कोसी हाई लेवल डैम, सोन-फल्गू रिवर लिंक और धार्मिक कॉरिडोर सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कोसी-मेची अंतर राज्यीय नदी जोड़ परियोजना के पहले चरण के लिए आवश्यक राशि उपलब्ध कराने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इसके साथ ही परियोजना के दूसरे चरण को तकनीकी मंजूरी देने पर भी जोर दिया गया। राज्य सरकार का मानना है कि इस परियोजना के आगे बढ़ने से बिहार में जल प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था को मजबूती मिल सकती है। बैठक में परियोजना से जुड़े लंबित विषयों पर केंद्र के सहयोग की अपेक्षा जताई गई। कोसी नदी पर प्रस्तावित हाई लेवल डैम की डीपीआर जल्द पूरी कराने का मुद्दा भी बैठक में उठा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राष्ट्रीय जल विकास अभिकरण और जल शक्ति मंत्रालय से इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई तेज करने की मांग की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुताबिक, परियोजना आगे बढ़ने से सीमांचल क्षेत्र में सिंचाई, कृषि और जल प्रबंधन को लाभ मिलने की उम्मीद है। सप्त कोसी परियोजना से जुड़े विषयों पर भी बैठक में चर्चा की गई।

बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि कोसी हाई लेवल डैम से जुड़ी संयुक्त तकनीकी विशेषज्ञ समिति में बिहार का एक सदस्य शामिल रहेगा। इससे परियोजना से संबंधित तकनीकी और राज्य हितों के मुद्दों में बिहार की भागीदारी सुनिश्चित हो सकेगी। हाई लेवल डैम और कोसी से जुड़ी परियोजनाएं बिहार के लिए लंबे समय से महत्वपूर्ण रही हैं। खासकर उत्तर बिहार और सीमांचल क्षेत्र में बाढ़ तथा जल प्रबंधन के लिहाज से इन परियोजनाओं को अहम माना जाता है। बैठक में भागलपुर में विक्रमशिला विश्वविद्यालय की स्थापना पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि विश्वविद्यालय के लिए बिहार सरकार ने 219 एकड़ भूमि उपलब्ध करा दी है और केंद्र से काम जल्द शुरू कराने का अनुरोध किया गया है।

इसी तरह हाजीपुर में राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमशीलता एवं प्रबंधन संस्थान (निफ्टम) के लिए राज्य सरकार 100 एकड़ भूमि उपलब्ध करा चुकी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दोनों संस्थानों का निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने की मांग की। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोन-फल्गू रिवर लिंक परियोजना का काम जल्द शुरू कराने की ओर भी केंद्र सरकार का ध्यान आकर्षित किया। इसके अलावा महाबोधि कॉरिडोर और विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर के कार्य में तेजी लाने पर चर्चा हुई। बैठक के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे सकारात्मक बताया और कहा कि बिहार के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर केंद्र की ओर से सहयोग और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन मिला है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी और राज्यसभा सांसद संजय कुमार झा भी शामिल रहे। बैठक में बिहार के आधारभूत ढांचे के विस्तार, लंबित विकास परियोजनाओं और राज्य के लिए अधिक केंद्रीय संसाधन उपलब्ध कराने पर भी विचार-विमर्श किया गया।

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