पंजाब सरकार की कर्मचारी और पेंशन भोगी नीतियों के विरोध में संघर्ष तेज हो गया है सुजानपुर के मलिकपुर स्थित डाक परिसर में विभिन्न कर्मचारी संगठनों और पेंशनरों ने एक विशाल रोष रैली आयोजित की। प्रदर्शनकरियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज़ किया जाएगा ।
यह विशाल रोष रैली पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन और शाहजहां मुलायम मंच के आवाहन पर आयोजित की गई थी। इसमें विभिन्न विभागों के कर्मचारी और बड़ी संख्या में पेंशन भोगी शामिल हुए कई कर्मचारी नेताओं के नेतृत्व में प्रदर्शनकरियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की।

सरकार पर पूरी तरह अनदेखी का लगा आरोप।
रैली को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों और पेंशन भोगियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव से पहले किए गए वादे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं। जिसमें कर्मचारियों में भारी रोष है। प्रदर्शनकारीयों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगे रखी इनमें पुरानी पेंशन योजना की बहाली, डीए बकाया 18% किस्तों का भुगतान, प्रोबेशन अवधि में पूरा वेतन मानदेय, कर्मचारी पर न्यूनतम मजदूरी कानून लागू करना, एसीपी स्कीम को बहाल करना और बचे हुए ठेका कर्मचारियों को नियमित करना शामिल है।
मांग नहीं मानने पर आवास घेरने की चेतावनी
कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो पूरे पंजाब में कैबिनेट मंत्रियों के आवासों का घेराव किया जाएगा। उन्होंने 17 जुलाई को मोहाली में एक राज्य स्तरीय महा रैली और मंत्रियों के आवासों के घेराव का भी ऐलान किया है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यह लड़ाई अब आर पार की होगी और जब तक उनकी मांगे पूरी नहीं होती तब तक संघर्ष जारी रहेगा।फिलहाल सरकार की ओर से इस प्रदर्शन और मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है ।








