Punjab News नितिन : पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने शिक्षा विभाग की मौजूदा स्थिति और पिछले चार वर्षों में किए गए कामों की जानकारी मीडिया के सामने रखी। उन्होंने कहा कि मान सरकार के कार्यकाल में सरकारी स्कूलों की सुविधाओं, पढ़ाई के माहौल और शिक्षकों की ट्रेनिंग पर खास ध्यान दिया गया है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि पंजाब में करीब 20 हजार सरकारी स्कूल हैं। पहले बड़ी संख्या में स्कूलों में चारदीवारी और जरूरी सुविधाओं की कमी थी। अब करीब 99 प्रतिशत स्कूलों में चारदीवारी का काम पूरा हो चुका है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सभी स्कूलों में इस्तेमाल के लायक शौचालय उपलब्ध हैं। बच्चों के लिए सुरक्षित पीने के पानी की व्यवस्था भी की गई है। क्लासरूम की जरूरत को देखते हुए स्कूलों में करीब 2 लाख डेस्क पहुंचाए गए हैं। इसके अलावा 9 हजार नए क्लासरूम बनाए गए हैं और हजारों पुराने कमरों को बेहतर सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया गया है।
स्मार्ट क्लास और कंप्यूटर लैब पर जोर
बैंस के मुताबिक, पंजाब के 10 हजार से ज्यादा क्लासरूम में स्मार्ट बोर्ड और पैनल लगाए जा चुके हैं। वहीं, 5,012 स्कूलों में आधुनिक कंप्यूटर लैब तैयार की गई हैं। उन्होंने दावा किया कि राज्य के करीब 99 प्रतिशत सरकारी स्कूल अब वाई-फाई सुविधा से जुड़े हुए हैं। स्कूलों में खेल सुविधाओं को भी मजबूत करने का काम किया गया है। इसके साथ ही विद्यार्थियों की सुविधा के लिए कई स्कूलों में बस सेवा शुरू की गई है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि पंजाब के प्रिंसिपलों को प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर भेजा गया। प्राथमिक शिक्षकों को फिनलैंड में ट्रेनिंग दिलाई गई, जबकि हेडमास्टरों को अहमदाबाद में प्रशिक्षण दिया गया। वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी गार्ड भी तैनात किए गए हैं। उन्होंने कहा कि अब विद्यार्थियों को किताबों और यूनिफॉर्म के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ता। फरवरी तक बच्चों को किताबें मिल जाती हैं और यूनिफॉर्म भी समय पर उपलब्ध कराई जा रही है।
सरकारी स्कूलों में बढ़ा छात्रों का भरोसा
बैंस ने दावा किया कि पंजाब ने PGI Index 2024-25 में पहला स्थान हासिल किया है। इसके अलावा परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण में भी पंजाब के विद्यार्थियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। शिक्षा मंत्री के अनुसार, पिछले कुछ समय में 3.64 लाख विद्यार्थी निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों में दाखिल हुए हैं। वहीं, पंजाब के सरकारी स्कूलों के 786 विद्यार्थियों ने JEE परीक्षा पास की है। कई अन्य छात्रों ने भी अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है। सरकार की ओर से विद्यार्थियों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए भी पहल की गई है। मंत्री ने बताया कि 2.30 लाख बच्चों को करीब 29 करोड़ रुपये की सीड मनी दी जा चुकी है। इससे विद्यार्थियों ने करीब 3 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि हाल में आई बाढ़ से पंजाब के कई स्कूलों को नुकसान पहुंचा है। प्रभावित स्कूलों की मरम्मत और उन्हें दोबारा बेहतर स्थिति में लाने का काम जारी है। उन्होंने कहा कि पंजाब के करीब 16 हजार स्कूलों पर अब तक लगभग 2,300 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में बेहतर बुनियादी सुविधाएं देने के साथ-साथ विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है।









