लखनऊ : नवयुग कन्या महाविद्यालय, लखनऊ के समाजशास्त्र विभाग द्वारा दिनांक 31 अगस्त 2026 को “अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता बनाम लोक नैतिकता” (Freedom of Expression Vs Public Morality) विषय पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण आधार है, जो विचारों, आलोचना एवं असहमति को व्यक्त करने का अवसर प्रदान करती है। वहीं, सार्वजनिक नैतिकता समाज के साझा मूल्यों को प्रतिबिंबित करती है तथा सामाजिक समरसता और एकजुटता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
असीमित एवं अनियंत्रित अभिव्यक्ति व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुँचा सकती है तथा घृणा और वैमनस्य को बढ़ावा दे सकती है। दूसरी ओर, नैतिकता के नाम पर अत्यधिक प्रतिबंध अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सीमित कर सकते हैं तथा सत्य और असहमति की आवाज़ को दबाने का कारण बन सकते हैं।
अतः इस विषय में संतुलन बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, जिसमें सशक्त एवं स्वतंत्र अभिव्यक्ति को संरक्षण मिले, साथ ही ऐसी अभिव्यक्तियों पर उचित सीमाएँ हों जो स्पष्ट एवं प्रत्यक्ष रूप से किसी व्यक्ति या समाज को गंभीर हानि पहुँचाती हैं।
इस वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह एवं सक्रियता के साथ भाग लिया। विद्यार्थियों ने विषय के विभिन्न पक्षों पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए इसकी मूल भावना को अत्यंत प्रभावशाली एवं सुंदर ढंग से अभिव्यक्त किया। उन्होंने अपने नवीन विचारों, तर्कों एवं चिंतन के माध्यम से विषय से संबंधित महत्वपूर्ण सामाजिक एवं समकालीन पहलुओं को प्रस्तुत किया।
महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्या मेजर ( डॉ )मनमीत कौर सोढ़ी ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएँ दीं तथा उन्हें समसामयिक एवं प्रासंगिक मुद्दों पर सूचित एवं विवेकपूर्ण दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में निर्णायक मंडल के रूप में प्रो. आभा पाल, , प्राचीन भारतीय इतिहास विभाग तथा श्रीमती नीलम, शिक्षा शास्त्र विभाग ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रतियोगिता के परिणाम इस प्रकार रहे- प्रथम स्थान: गुरिंदर कौर (बीए तृतीय वर्ष), द्वितीय स्थान:अल्फीशा नूरी अंसारी (बीए प्रथम वर्ष), तृतीय स्थान: दीपांशी तिवारी (बीए द्वितीय वर्ष) एवं खुशी कुमारी (बीएससी तृतीय वर्ष), सांत्वना पुरस्कार: वेदिका तिवारी( बीए तृतीय वर्ष )एवं नाज़िया (बीए तृतीय वर्ष)
इस पूरे कार्यक्रम का सफल आयोजन समाजशास्त्र विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. विनीता सिंह के निर्देशन में विभाग की शिक्षिकाओं डॉ. आभा दुबे, डॉ. नेहा यादव एवं डॉ. अपर्णा राय द्वारा किया गया।
कार्यक्रम विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, स्वतंत्र अभिव्यक्ति, सामाजिक संवेदनशीलता एवं समसामयिक मुद्दों के प्रति जागरूकता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल रहा।











