विशेष संवाददाता, सादाबाद (झांसी : हरिमोहन श्रीवास) –
उत्तर प्रदेश में ‘मिशन 2027’ का चुनावी शंखनाद करते हुए बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर आकाश आनंद ने सोमवार को सादाबाद में आयोजित विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन में विपक्ष और सत्तापक्ष दोनों पर चौतरफा हमला बोला। पूर्व विधायक उमाशंकर सिंह के निधन के बाद बसपा की सांगठनिक ताकत दिखाने और युवाओं को जोड़ने के लिए मायावती के निर्देश पर आयोजित इस पहली बड़ी रैली में आकाश आनंद ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सादाबाद सीट से डॉ. अविन शर्मा को बसपा का आधिकारिक प्रत्याशी भी घोषित कर दिया।

रोजगार और शिक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरा
रैली को संबोधित करते हुए आकाश आनंद ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की नीतियों पर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने पिछले 10 वर्षों में अपनी कमियों और विफलताओं को छिपाने के लिए विज्ञापनों पर ₹7,000 करोड़ से अधिक की भारी-भरकम राशि पानी की तरह बहा दी। आनंद ने कहा, “अगर यही पैसा राज्य के युवाओं की परीक्षाओं, रोजगार सृजन और रुकी हुई भर्तियों पर खर्च किया जाता, तो आज लाखों युवाओं के पास पक्की सरकारी नौकरी होती और उन्हें सड़कों पर नहीं भटकना पड़ता।” इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में करीब 25,000 सरकारी स्कूलों के बंद होने और बदहाल स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया।
अखिलेश-राहुल पर तंज: ‘उन्हें भैया नहीं, अंकल कहिए’ युवाओं को अपने पाले में खींचने की पुरजोर कोशिश करते हुए 30 वर्षीय बसपा नेता ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की उम्र पर सीधा तंज कसा। उन्होंने मंच से युवाओं से कहा, “जो नेता 50 साल से ऊपर की उम्र के हो चुके हैं, उन्हें भैया कहना बंद करिए और ‘अंकल’ कहकर संबोधित कीजिए।” उन्होंने कहा कि वह स्वयं उसी युवा पीढ़ी से आते हैं जिसने हाल ही में दिल्ली में पेपर लीक और कोचिंग हादसों के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया है। युवाओं को अब ऐसे नेतृत्व को चुनना चाहिए जो वास्तव में उनकी समस्याओं को समझ सके और उनके भविष्य के लिए लड़ सके।
सपा के ‘PDA’ और कांग्रेस के ‘संविधान बचाओ’ नारे को बताया छलावा . आकाश आनंद ने समाजवादी पार्टी के ‘पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक’ (PDA) फॉर्मूले को राजनीतिक सुविधा का एक बड़ा छलावा करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा का यह फॉर्मूला केवल वोटों की गणित तक सीमित रहता है, जबकि जमीनी हकीकत में अखिलेश यादव के कार्यकाल के दौरान प्रदेश ने कई बड़े दंगों का दंश झेला है। वहीं दूसरी तरफ, कांग्रेस की ‘संविधान बचाओ’ राजनीति पर सवाल खड़ा करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस और भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। जिन राज्यों में कांग्रेस सत्ता में है, वहां की नीतियां और कार्यप्रणाली बिल्कुल भाजपा की तरह ही हैं।
सादाबाद से डॉ. अविन शर्मा बसपा के उम्मीदवार घोषित
चुनावी दृष्टिकोण से इस जनसभा का सबसे महत्वपूर्ण क्षण तब आया जब आकाश आनंद ने सादाबाद विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी डॉ. अविन शर्मा के नाम पर मुहर लगाते हुए उन्हें आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए बसपा का आधिकारिक प्रत्याशी घोषित किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर अभी से चुनावी तैयारियों में जुटने और बहुजन समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए बसपा को मजबूत करने का आह्वान किया। रैली में भारी संख्या में उमड़ी भीड़ को आगामी चुनावों में बसपा की मजबूती के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।









