UP-पंजाब समेत 17 राज्यों में वोटर लिस्ट अपडेट होगी, 12 नवंबर को जारी होगा मसौदा

On: October 16, 2026 4:13 AM
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नेशनल नितिन : भारत निर्वाचन आयोग ने 17 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का कार्यक्रम घोषित किया है। इस प्रक्रिया के तहत एक जनवरी 2027 को पात्रता तिथि मानते हुए मतदाता सूचियों को अपडेट किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य नए मतदाताओं का पंजीकरण, मौजूदा विवरणों में सुधार और अपात्र प्रविष्टियों की जांच कर मतदाता सूची को अधिक सटीक एवं पारदर्शी बनाना है।

आयोग ने 15 अक्टूबर 2026 को जारी निर्देशों में संबंधित राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को पुनरीक्षण प्रक्रिया निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी करने को कहा है। इस सूची में उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, असम, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, केरल, तमिलनाडु, पंजाब, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गोवा, मणिपुर, अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह, लक्षद्वीप और पुडुचेरी शामिल हैं।

12 नवंबर को प्रकाशित होगी मसौदा मतदाता सूची

निर्वाचन आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मतदान केंद्रों के युक्तिकरण और पुनर्व्यवस्था की प्रक्रिया दो नवंबर 2026 तक पूरी की जाएगी। इसके बाद 12 नवंबर को मसौदा मतदाता सूची प्रकाशित होगी। मसौदा सूची पर 12 नवंबर से 11 दिसंबर 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। प्राप्त दावों और आपत्तियों का निस्तारण 28 दिसंबर तक किया जाएगा। पूरी प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची चार जनवरी 2027 को प्रकाशित की जाएगी।

पहली बार मतदान करने वाले युवाओं पर विशेष जोर

आयोग ने पात्र नागरिकों, विशेषकर पहली बार मतदान के योग्य होने वाले युवाओं, का नाम मतदाता सूची में शामिल करने पर जोर दिया है। एक जनवरी 2027 के अलावा एक अप्रैल, एक जुलाई और एक अक्टूबर 2027 की आगामी पात्रता तिथियों के लिए भी अग्रिम आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। हालांकि, इन आगामी पात्रता तिथियों से संबंधित आवेदनों का निस्तारण संबंधित तिमाही में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। आयोग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने से वंचित न रहे।

नाम जुड़वाने और सुधार के लिए इन फॉर्म का होगा इस्तेमाल

मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए फॉर्म-6 का इस्तेमाल किया जाएगा। विदेश में रहने वाले भारतीय मतदाता फॉर्म-6ए के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। किसी नाम को शामिल किए जाने पर आपत्ति दर्ज कराने या मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 का उपयोग होगा। वहीं, पते में बदलाव, व्यक्तिगत विवरण में सुधार, मतदाता पहचान पत्र बदलवाने और दिव्यांग मतदाता के रूप में चिह्नित कराने के लिए फॉर्म-8 निर्धारित है। मतदाता निर्वाचन आयोग के वोटर सर्विस पोर्टल और ECINET ऐप के माध्यम से भी आवेदन कर सकेंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि आधार संख्या देना स्वैच्छिक होगा। केवल आधार उपलब्ध नहीं कराने के आधार पर किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल करने से इनकार नहीं किया जा सकता और न ही किसी मौजूदा प्रविष्टि को हटाया जा सकता है।

नाम हटाने से पहले होगा सत्यापन

मतदाता सूची से गलत तरीके से नाम हटाए जाने की आशंका को रोकने के लिए आयोग ने विशेष सुरक्षा उपाय तय किए हैं। यदि किसी मतदान केंद्र पर कुल मतदाताओं की संख्या के दो प्रतिशत से अधिक नाम हटाने का प्रस्ताव होता है, तो निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से दोबारा सत्यापन करना होगा। इसी तरह, यदि कोई एक व्यक्ति पांच से अधिक मामलों में आपत्तिकर्ता बनता है, तो संबंधित मामलों की व्यक्तिगत जांच की जाएगी। मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित और दोहरी प्रविष्टि वाले मतदाताओं के नाम हटाने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा। फील्ड सत्यापन और जरूरी दस्तावेजों की जांच के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। जिन मामलों में नाम हटाने का प्रस्ताव होगा, उनमें संबंधित व्यक्ति को नियमानुसार सुनवाई का अवसर भी देना होगा।

मतदान केंद्रों पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं रखने का लक्ष्य

आयोग ने निर्देश दिया है कि सामान्य परिस्थितियों में एक मतदान केंद्र पर 1,200 से अधिक मतदाता नहीं होने चाहिए। नए मतदान केंद्र बनाने या मौजूदा केंद्रों में बदलाव करने से पहले भौतिक निरीक्षण किया जाएगा। मतदान केंद्रों की सीमाएं स्पष्ट रखने, परिवार के सदस्यों के नाम एक ही सेक्शन में रखने और मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचने में अनावश्यक परेशानी से बचाने पर भी जोर दिया गया है। मतदान केंद्रों से संबंधित प्रस्तावों को अंतिम रूप देने से पहले मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से परामर्श किया जाएगा।

राजनीतिक दलों के साथ साझा होंगी दावे-आपत्तियों की सूचियां

निर्वाचन आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को राजनीतिक दलों के साथ नियमित बैठकें करने के निर्देश दिए हैं। दावों और आपत्तियों की सूचियां राजनीतिक दलों के साथ साझा की जाएंगी और संबंधित मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई जाएंगी। राजनीतिक दलों को मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके अलावा महिलाओं, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों, अनुसूचित जनजातियों, वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों, बीमार लोगों, गरीबों और अन्य वंचित समूहों के पंजीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। जरूरत के अनुसार हेल्प डेस्क और विशेष शिविर भी आयोजित किए जा सकेंगे।

कई राज्यों में बाद में घोषित होगा कार्यक्रम

आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, चंडीगढ़, दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव, हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, दिल्ली, ओडिशा, सिक्किम, त्रिपुरा और तेलंगाना में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जारी होने या हाल में पूरा होने के कारण SSR का कार्यक्रम बाद में घोषित किया जाएगा। वहीं, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा।

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