National (नितिन): हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने विद्यार्थियों को बड़ी राहत देते हुए विभिन्न प्रकार की प्रवेश और परीक्षा फीस में कटौती की है। यह फैसला हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के निर्देशों के बाद लिया गया है। फीस में कमी को लेकर गठित उच्च स्तरीय कमेटी ने विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करने के बाद अपनी रिपोर्ट तैयार की और इसके तुरंत बाद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. महावीर सिंह ने कमेटी का ड्राफ्ट शुक्रवार को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार फीस में आवश्यक कटौती का निर्णय लिया गया।
री-इवैल्यूएशन फीस में भी कटौती
निर्णय के तहत वर्तमान शैक्षणिक सत्र में अधिसूचित और लागू सभी प्रकार की फीस में 10 प्रतिशत की कमी की जाएगी। इससे विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को आर्थिक राहत मिलेगी और उच्च शिक्षा को अधिक सुलभ बनाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा विश्वविद्यालय ने होस्टलों की विभिन्न फीस में की गई बढ़ौतरी को भी वापस लेने का निर्णय लिया है। अब होस्टल के लिए पहले से लागू फीस संरचना ही प्रभावी रहेगी। कमेटी की सिफारिशों के अनुसार री-इवैल्यूएशन फीस में भी कटौती की गई है। अब स्नातक (यूजी) कोर्सिज के लिए री-इवैल्यूएशन फीस 1000 रुपए से घटाकर 500 रुपए और स्नातकोत्तर (पीजी) के लिए 1200 रुपए से घटाकर 600 रुपए कर दी गई है। वहीं, करैक्शन फीस 1200 रुपए से घटाकर 800 रुपए प्रस्तावित की गई है।
पहले से अध्ययनरत विद्यार्थियों को नई फीस दरों के दायरे से रखा बाहर
उच्च स्तरीय कमेटी ने सिफारिश की है कि वर्ष 2026-27 में प्रवेश लेने वाले नए विद्यार्थियों पर संशोधित अधिसूचित फीस लागू होगी। पहले से विश्वविद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों को इन नई फीस दरों के दायरे से बाहर रखा गया है। इसके अलावा कमेटी ने विश्वविद्यालय की ग्रांट-इन-एड (जी.आई.ए.) में चालू वित्तीय वर्ष के दौरान हुई 10 करोड़ रुपए की कमी का मामला सक्षम प्राधिकारी के समक्ष उठाने की भी सिफारिश की है। इसका उद्देश्य विश्वविद्यालय की वित्तीय आवश्यकताओं और हितों को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय सुनिश्चित करना है।
सुबह मुख्यमंत्री ने कुलपति से की फोन पर बात, शाम को कुलपति ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखी रिपोर्ट
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की फीस वृद्धि के मामले को लेकर शुक्रवार को दिनभर हलहल रही। विधानसभा में एनएसयूआई का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री से मिला था और और इस दौरान संगठन के पदाधिकारियों व कार्यकर्त्ताओं ने विश्वविद्यालय की फीस वृद्धि का मामला उनके समक्ष उठाया था। इस दौरान मुख्यमंत्री ने तुरंत कुलपति को फोन कर उन्हें कमेटी का गठन का फीस रिव्यू करने के निर्देश दिए। इस पर त्वरित कदम उठाते हुए कुलपति ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनके समक्ष फीस कम करने का ड्राफ्ट रखा। यहां बता दें कि बीते करीब एक माह से विश्वविद्यालय में छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और एसएफआई आंदोलनरत है। इसके अलावा कालेजों में भी प्रदर्शन किए जा रहे हैं। इसके अलावा एनएसयूआई भी लगातार मुख्यमंत्री व एचपीयू के कुलपति के समक्ष छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए फीस कम करने की मांग को उठा रही थी। विश्वविद्यालय के निर्णय के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के एचपीयू इकाई उपाध्यक्ष अंकुश वर्मा ने कहा कि फीस के मामले को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन विद्यार्थियों को अवगत करवाए और इसके बाद ही आगामी कदम उठाया जाएगा। उधर, विद्यार्थी परिषद की क्रमिक भूख हड़ताल 19वें दिन भी जारी रही
परीक्षा फीस का नया स्ट्रक्चर











