बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ अब उन परिवारों को भी मिलेगा, जिनके पास मोटरसाइकिल है। पांच एकड़ असिंचित जमीन और ढाई एकड़ सिंचित जमीन वाले भी अब कच्चा मकान में नहीं रहेंगे। उन्हें भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलेगा। इसकी घोषणा राजधानी पटना स्थित बापू सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में नमो सरकार के केंद्रीय ग्रामीण विकास सह कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की है। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बापू सभागार में इसके लाभुकों को आवास की चाबी सौंपे जाने के लिए गुरुवार यानी 20 अगस्त को आयोजित कार्यक्रम में कहा कि ग्रामीण विकास विभाग की योजना के तहत बिहार को वित्तीय वर्ष 2026-27 में मार्च तक 9,402 करोड़ रुपये मिलेंगे। इसके बाद करीब 10,800 करोड़ रुपये और उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे प्रत्येक पंचायत को औसतन करीब 5.84 करोड़ रुपये की राशि मिल सकेगी। इससे पंचायतों के साथ पूरे बिहार की तस्वीर बदलेगी।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को बिहार में लागू किया गया है। अब यदि सूखा, बाढ़, आग या किसी भी कारण से फसल को नुकसान होगा तो उसकी पूरी भरपाई की जाएगी। इस कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, ग्रामीण कार्य मंत्री सुनील कुमार, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ.दिलीप कुमार जायसवाल, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, समाज कल्याण मंत्री डॉ.श्वेता गुप्ता आदि ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में पूर्ण किए गए 2 लाख 35 हजार आवास के कुछ लाभुकों को नए घर की चाबी सौंपी।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि अपना पक्का घर सिर्फ सिर पर छत नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास भी देता है। जब हर जरूरतमंद परिवार के पास अपना पक्का मकान होगा तभी बिहार समृद्ध और देश तेजी से विकसित भारत बनने की ओर अग्रसर होगा। प्रधानमंत्री आवास योजन ग्रामीण के तहत तेजी से गरीबों को पक्के घर देने का कार्य किया जा रहा है। वर्ष 1986 से 2014 तक इंदिरा आवास योजना के तहत प्रदेश में गरीब परिवारों के लिए मात्र 30 लाख पक्के मकान कलस्टर में बनाए गए थे, उनमें से बहुत से अधूरे रह गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2014 से 2026 तक 50 लाख पक्के मकान बनाने का आवंटन किया जा चुका है। 28 वर्ष में जहां औसतन 1.07 लाख घर प्रति वर्ष बनाए गए अब 4.17 लाख प्रति वर्ष बनाए जा रहे हैं। 2018 में राज्य सरकार के सर्वे में 19 लाख परिवार पक्के मकान से वंचित पाए गए थे। इस योजना में बनने वाले पक्के मकान में 40 प्रतिशत राशि प्रदेश सरकार देती है।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वित्तीय वर्ष 2026-2027 में योजना के तहत आवंटित 11 लाख 18 हजार 937 मकान बनाने का लक्ष्य पत्र मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सौंपा। इसके लिए केंद्र 13 हजार 427 करोड़ रुपये की सहायता राशि देगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इसे बिहार के लिए गर्व और सम्मान का दिन बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का आभार जताया। कार्यक्रम को ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एच.आर. श्रीनिवास ने भी संबोधित किया।










