राष्ट्रीय ( नितिन ) : बिलासपुर पुलिस की स्पैशल डिटैक्शन टीम ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अमृतसर से बिलासपुर तक सक्रिय चिट्टा सप्लाई नैटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अलग-अलग स्थानों पर की गई कार्रवाई में भारी मात्रा में चिट्टा और लाखों रुपए की नकदी बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार जांच में अमृतसर से चिट्टा लाकर बिलासपुर के विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई किए जाने का नैटवर्क सामने आया है।
175.5 ग्राम चिट्टा और 2 लाख नकद बरामद
इस कार्रवाई की शुरूआत गत दिवस झंडूता क्षेत्र के धराड़सानी में नाकाबंदी के दौरान की। पुलिस ने टैक्सी (एचपी 01बी-1952) को रोककर तलाशी ली। वाहन में सवार 5 लोगों के कब्जे से करीब 132 ग्राम चिट्टा और 2 लाख रुपए नकद बरामद किए। आरोपियों की पहचान रविंद्र कुमार (36) निवासी बैरी दड़ोलां तहसील झंडूता जिला बिलासपुर, रणजीत सिंह (55) निवासी मंडयाला, डाकघर बोडू तहसील और जिला अमृतसर पंजाब, विशाल सिंह (24) पुत्र रणजीत सिंह निवासी मंडयाला डाकघर बोडू तहसील और जिला अमृतसर पंजाब, आशुतोष चंदेल (37) निवासी बैहना जट्टां तहसील झंडूता जिला बिलासपुर व आकाशदीप (23) पुत्र रणजीत सिंह निवासी मंडयाला डाकघर बोडू तहसील और जिला अमृतसर-पंजाब के रूप में हुई है। पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया तथा झंडूता में मामला दर्ज कर लिया।
घरों में दबिश से खुली सप्लाई की कड़ियां
पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई के बाद जांच आगे बढ़ी तो चिट्टे की सप्लाई की कई कड़ियां सामने आईं। पुलिस के अनुसार अमृतसर निवासी रणजीत सिंह और उसके बेटे आकाशदीप की भूमिका सप्लाई उपलब्ध कराने से जुड़ी पाई गई, जबकि विशाल सिंह अमृतसर से चिट्टा बिलासपुर लाकर स्थानीय पैडलर्स तक पहुंचाता था। जांच के आधार पर पुलिस ने बैहना जट्टां में आशुतोष चंदेल उर्फ अंकुश के घर पर दबिश दी, जहां से करीब 41 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। इसके बाद घुमारवीं क्षेत्र में प्रवेश गुप्ता निवासी दडयाणा डाकघर औहर तहसील घुमारवीं जिला बिलासपुर के घर की तलाशी के दौरान करीब 2.5 ग्राम चिट्टा बरामद किया गया। इस तरह अलग-अलग कार्रवाई में पुलिस ने 175.5 ग्राम चिट्टा बरामद किया।
झंडूता से घुमारवीं और सदर तक जुड़े तार
पुलिस द्वारा अब तक की गई जांच में सामने आया है कि चिट्टे की सप्लाई केवल एक क्षेत्र तक सीमित नहीं थी। नैटवर्क की कड़ियां झंडूता, घुमारवीं और बिलासपुर सदर क्षेत्र तक जुड़ी मिली हैं। पुलिस के मुताबिक विशाल सिंह स्थानीय पैडलर्स को चिट्टा उपलब्ध करवाता था और इसके बाद नशे को आगे ग्राहकों तक पहुंचाया जाता था। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर नैटवर्क में शामिल अन्य सप्लायरों, पैडलर्स और खरीददारों की जानकारी जुटा रही है। साथ ही नशे के कारोबार से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर आगे गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
3 आरोपियों का पहले भी रहा है आपराधिक रिकॉर्ड
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मामले में गिरफ्तार कुछ आरोपियों के खिलाफ पहले भी विभिन्न धाराओं में मुकद्दमे दर्ज रहे हैं। रविंद्र कुमार के खिलाफ हत्या समेत अन्य धाराओं और एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज पाए गए हैं। प्रवेश गुप्ता के खिलाफ भी एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य मामलों का रिकॉर्ड सामने आया है। वहीं आकाशदीप के खिलाफ अमृतसर और घुमारवीं में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। पुलिस की इस कार्रवाई को अमृतसर से बिलासपुर तक फैले नशे के नैटवर्क पर बड़ी चोट माना जा रहा है। अब जांच का फोकस इस बात पर है कि इस सप्लाई चेन के पीछे और कौन-कौन लोग जुड़े हैं और जिले में नशे की खेप पहुंचाने के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा था। एसपी बिलासपुर अभिषेक धीमान ने बताया कि मामले की आगामी जांच की जा रही है।







