राष्ट्रीय ( नितिन ) : राष्ट्रीय राजधानी के अशोक विहार में एक महिला को उसके घर के अंदर बंधक बनाकर, उसका मुंह बंद करके चाकू की नोक पर लुटेरों के एक गिरोह ने लगभग आधे घंटे तक घर में लूटपाट की लेकिन एक महीने की रेकी और सावधानी से बनाई गई भागने की योजना उस समय नाकाम हो गई जब पुलिस ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पंजाब में संदिग्धों का पता लगा लिया।
एक अधिकारी ने बताया कि 19 अगस्त को दिन-दहाड़े हुई लूटपाट के सिलसिले में छह लोगों और दो नाबालिगों को पकड़ा गया है। इसमें कथित तौर पर लगभग 75 लाख रुपये नकद और कीमती सामान लूटा गया था जिसमें से पुलिस ने 51.52 लाख रुपये और लगभग 2.33 लाख रुपये कीमत के तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि नाबालिगों में से एक कथित तौर पर इसका मुख्य साजिशकर्ता निकला।
उन्होंने बताया कि यह नाबालिग पीड़ित महिला के पति के साथ काम करता था लेकिन पैसों से जुड़ी गड़बड़ी के कारण उसे नौकरी से निकाल दिया गया था। इसी बात को लेकर वह उनसे नाराज था। यह भी पता चला कि वही नाबालिग पहले अशोक विहार थाने में दर्ज 2023 के हत्या के एक मामले में शामिल था। पुलिस के मुताबिक 19 अगस्त को पूर्वाह्न करीब 11 बजकर 35 मिनट पर अशोक विहार निवासी 54-वर्षीय नीरा वर्मा के घर में लूट की वारदात हुई।
उस समय उनके पति मनोज कुमार सुबह करीब नौ बजे अपनी फैक्टरी चले गए थे जबकि उनकी जुड़वां बेटियां पूर्वाह्न 11 बजकर 30 मिनट पर चावड़ी बाजार स्थित अपनी थोक दुकान के लिए निकल गई थीं। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने करीब एक महीने तक घर और परिवार की गतिविधियों की रेकी की थी। वारदात से एक दिन पहले भी अंतिम बार घर की निगरानी की गई थी। मामला सामने आने पर पुलिस ने अंतर-राज्यीय स्तर पर तलाश शुरू की और दिल्ली, पंजाब तथा उत्तर प्रदेश में सुराग मिलने के बाद कई टीमों को अलग-अलग जगहों पर भेजा गया।
पुलिस ने बताया कि इन जगहों पर एक साथ छापेमारी करके पूरे गिरोह को पकड़ा गया और 51.52 लाख रुपये नकद के साथ-साथ लगभग 2.33 लाख रुपये कीमत के तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नमन शर्मा (24) और अंश शर्मा (22) (दोनों अशोक विहार निवासी), दीपक उर्फ देव (24) (गाजियाबाद निवासी), दिनेश उर्फ बल्लू (38), साहिल (31) और आर्यन उर्फ शेरा (22) (सभी अमृतसर निवासी) के रूप में हुई है।
उन्होंने पकड़े गए दो नाबालिगों के बारे में जानकारी नहीं दी। पुलिस के अनुसार कथित नाबालिग मुख्य साजिशकर्ता को छोड़कर अन्य आरोपियों का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है।







