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बांकीपुर उपचुनाव में हार के बाद भाजपा में मंथन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी अचानक पहुंचे बिहार भाजपा के प्रदेश दफ्तर, बंद कमरे में हुई बैठक

On: August 9, 2026 1:46 AM
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बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार में राजधानी पटना की चर्चित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में मिली हार के बाद भारतीय जनता पार्टी यानी भाजपा ने समीक्षा प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बुधवार यानी 6 अगस्त को अचानक राजधानी पटना में वीरचंद पटेल पथ स्थित बिहार भाजपा के प्रदेश दफ्तर पहुंचे। जहां दल के वरिष्ठ नेताओं के साथ उन्होंने समीक्षा बैठक की। इस बैठक में बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी सहित संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, विधायक, विधान पार्षद व मंत्री उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के अचानक बिहार भाजपा के प्रदेश दफ्तर पहुंचने को राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, बैठक में बांकीपुर उपचुनाव के नतीजों की विस्तार से समीक्षा की गई।

मिली जानकारी के अनुसार, इस समीक्षा बैठक में चुनावी हार के कारणों पर गंभीर चर्चा की गई। भाजपा यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर किन वजहों से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल सके। बूथ स्तर के प्रदर्शन, वोटों के अंतर और चुनावी रणनीति की समीक्षा की गई। साथ ही, नेताओं व कार्यकर्ताओं की भूमिका और संगठन की सक्रियता पर भी चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, बैठक में हर बूथ की रिपोर्ट पर नजर डाली गई। जिन इलाकों में दल कमजोर रही, वहां के कारणों को समझने की कोशिश की गई। यह भी देखा गया कि प्रचार अभियान के दौरान उठाए गए मुद्दों का वोटरों पर कितना असर पड़ा और किन क्षेत्रों में संगठन की पकड़ कमजोर रही है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद नेताओं व पदाधिकारियों से चुनाव का फीडबैक लिए। बैठक में यह भी चर्चा की गई कि चुनाव के दौरान किन चुनौतियों का सामना करना पड़ा। भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए क्या रणनीति अपनाई जाए, इस पर भी मंथन किया गया। बैठक में भाजपा के अंदर संगठन को और मजबूत करने की चर्चा की गई। माना जा रहा है कि आने वाले चुनावों को देखते हुए भाजपा अपनी रणनीति में बदलाव कर सकती है। बूथ मैनेजमेंट और वोटरों से बेहतर सम्पर्क को लेकर भी नए सिरे से योजना बनाई जा सकती है।

बता दें कि, बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव जीतने के लिए भाजपा ने माइक्रो मैनेजमेंट किया था। करीब 8 हजार छोटे-बड़े नेताओं व कार्यकर्ताओं को चुनावी अभियान में विभिन्न जगहों व कार्यों पर लगा रखा था। ये लोग लगातार जनसंपर्क कर रहे थे। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद नितिन नवीन की सीट होने के कारण 40 के 40 स्टार प्रचारक भी उतारे गए थे। इनमें भोजपुरी फिल्मों के सुपरस्टार से एमएलसी बने पवन सिंह व दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी के साथ ही खुद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी एनडीए समर्थित भाजपा प्रत्याशी नीरज कुमार सिन्हा के पक्ष में चुनावी जनसभाएं की। इनके साथ-साथ नमो सरकार के केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यिानंद राय, राज्य के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा, सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव, पूर्व केंद्रीय कानून मंत्री व पटना साहिब के भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद आदि ने करीब 150 जगहों पर लोगों को संबोधित किया। इसके बावजूद भाजपा बांकीपुर सीट हार गई। जिसका असर भविष्य के चुनावों पर पड़ना तय है।

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