बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार में लगातार भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले में आर्थिक अपराध इकाई यानी ईओयू ने शुक्रवार यानी 7 अगस्त को सहरसा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी यानी डीपीओ अजीत अमर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। ईओयू की अलग-अलग टीमों ने सिवान, सहरसा व छपरा स्थित उनके 4 ठिकानों पर एक साथ तलाशी शुरू की। इनमें दरौंदा थाना क्षेत्र के रैनी गांव स्थित उनका पैतृक निजी मकान भी शामिल है। फिलहाल ईओयू के टीम डीपीओ के ठिकाने पर दस्तावेजों, बैंक खातों, निवेश, अचल संपत्तियों और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच कर रही है।
ईओयू की कार्रवाई की खबर मिलते ही सीवान के रैनी गांव में लोगों की भीड़ जुट गई। पूरे गांव में सुबह से ही तरह-तरह की चर्चाएं होती रहीं। सुरक्षा के मद्देनजर स्थानीय पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। रैनी गांव स्थित पैतृक मकान में तलाशी की कार्रवाई शुरू होने से पूर्व घर का ताला खोलने के लिए चाबी छपरा से मंगाई जा रही है। इसके लिए संबंधित कर्मी छपरा गए हैं। चाबी पहुंचने के बाद ईओयू की टीम मकान के अंदर तलाशी शुरू करेगी। टीम द्वारा घर के दस्तावेज, संपत्ति से जुड़े कागजात और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों की जांच की जाएगी।

बिहार पुलिस मुख्यालय के आर्थिक अपराध इकाई की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, विश्वस्त सूत्रों से मिली सूचना के सत्यापन के बाद डीपीओ अजीत अमर के खिलाफ ज्ञात आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का प्रथमदृष्टया साक्ष्य मिला है। सत्यापन में 62 लाख 20 हजार 550 रुपये की आय से अधिक संपत्ति अर्जित किए जाने का साक्ष्य पाया गया है। यह राशि उनकी ज्ञात आय से करीब 72.35 प्रतिशत अधिक बताई गई है। मामले में ईओयू थाना में कांड संख्या 17/26, दिनांक 6 अगस्त 2026 दर्ज किया गया है। प्राथमिकी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) सहपठित धारा 13(1)(बी), यथासंशोधित 2018, के तहत दर्ज की गई है। इसके बाद विशेष न्यायालय निगरानी, उत्तर बिहार, मुजफ्फरपुर से तलाशी अधिपत्र प्राप्त कर शुक्रवार को कार्रवाई शुरू की गई।
ईओयू के मुताबिक, अजीत अमर के 4 ठिकानों पर एक साथ तलाशी चल रही है। इनमें रैनी गांव स्थित पैतृक/निजी मकान, सहरसा नया बाजार स्थित किराए का आवास, सहरसा स्थित सरकारी कार्यालय कक्ष और छपरा गंडक कॉलोनी स्थित सरकारी आवास शामिल हैं। पुलिस उपाधीक्षक स्तर के पदाधिकारियों के नेतृत्व में गठित टीमें संपत्ति के कागजात, बैंकिंग एवं अन्य वित्तीय अभिलेखों की जांच कर रही हैं। तलाशी के दौरान किसी प्रकार की बरामदगी की आधिकारिक जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है।
बिहार में सीवान जिले के रैनी गांव निवासी अजीत अमर पूर्व में सारण में डीपीओ के पद पर पदस्थापित रहे हैं। उनके खिलाफ ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में अधिक संपत्ति अर्जित करने के मामले की जांच आर्थिक अपराध इकाई कर रही है। हालांकि, मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और तलाशी की कार्रवाई पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। बिहार पुलिस मुख्यालय के मुताबिक, चारों स्थानों पर तलाशी की कार्रवाई पूरी होने के बाद विस्तृत जानकारी जारी की जाएगी। फिलहाल, रैनी गांव में ईओयू की कार्रवाई को लेकर लोगों की नजरें टीम की अगली कार्रवाई और संभावित बरामदगी पर टिकी हैं।










