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ईओ विमल कुमार हत्याकांडः दानापुर में श्रद्धांजलि सभा में उठी 2 करोड़ मुआवजा व सरकारी नौकरी और दोषियों को फास्ट ट्रायल में फांसी देने की मांग

On: August 6, 2026 2:24 AM
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बिहार (अफजल इमाम ’’मुन्ना’’)। बिहार में रोहतास के डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी यानी ईओ विमल कुमार की निर्मम हत्या के विरोध में मंगलवार यानी 4 अगस्त को राजधानी पटना में दानापुर के गोला रोड टी-प्वाइंट स्थित गंगा कुटीर अपार्टमेंट परिसर में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। जहां इस दौरान दिवंगत ईओ विमल कुमार के तैलचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि सभा में राज्यभर के नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी शामिल हुए। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए ईओ सुशील कुमार ने कहा कि विमल कुमार की हत्या बेहद जघन्य अपराध है। उन्होंने राज्य सरकार से घटना में शामिल चालक सहित सभी आरोपितों की निष्पक्ष जांच कर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने तथा फास्ट ट्रैक कोर्ट में ट्रायल के माध्यम से दोषियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग की है।

श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने दिवंगत ईओ विमल कुमार के आश्रितों को 2 करोड़ रुपये मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिलना चाहिए। ईओ सुशील कुमार ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए राज्य के सभी नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि सरकार ने नगर निकायों में सशस्त्र बल तैनात करने की पहल की है और सभी ईओ को आर्म्स लाइसेंस देने के लिए जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने इसे सकारात्मक कदम बताते हुए सभी ईओ को अंगरक्षक उपलब्ध कराने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लेती है तो चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। साथ ही, बताया कि मगध रेंज के आईजी विकास वैभव ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है। श्रद्धांजलि सभा में ईओ संजीव कुमार, पुष्कर कुमार, पंकज कुमार, डॉ.अनुपमा कुमारी सहित राज्यभर के विभिन्न नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद के पूर्व उप मुख्य पार्षद प्रतिनिधि राजनाथ जायसवाल, राजीव रंजन सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

बता दें कि, रोहतास के डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के ईओ विमल कुमार बीते शनिवार यानी 1 अगस्त की रात करीब 9 बजे डेहरी से राजधानी पटना स्थित दानापुर के लिए स्कॉर्पियो से निकले थे। उनके साथ केवल चालक मिथिलेश कुमार मौजूद था। इससे पूर्व वह डेहरी में आयोजित ’एक शाम शहीदों के नाम’ सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। पटना लौटने के दौरान बारुण-दाउदनगर नहर रोड पर बारुण थाना क्षेत्र के लख डिहरा गांव के निकट उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया। गंभीर रूप से जख्मी होने के बाद उनकी मौत हो गई। शुरुआती तौर पर लूटपाट के दौरान हत्या की आशंका जताई जा रही थी। लेकिन, अब पुलिस ने मृतक के चालक मिथिलेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस का दावा है कि चालक मिथिलेश कुमार ने पूछताछ के दौरान हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। फिलहाल उससे लगातार पूछताछ की जा रही है ताकि हत्या के पीछे की असली वजह और इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका का पता लगाया जा सके। औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा ने चालक की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि पूछताछ के दौरान उसने कई बार अपना बयान बदला। इससे पुलिस का शक और गहरा गया। जांच के दौरान उसके कपड़ों पर खून के दाग भी मिले हैं। इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया। विमल कुमार की पत्नी ने भी शुरू से ही चालक पर संदेह जताया था।

पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में मामला लूटपाट के दौरान हत्या का प्रतीत हो रहा था। लेकिन, जांच में कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिनसे इस आशंका पर सवाल खड़े हो गए। सबसे अहम बात यह रही कि विमल कुमार के गले में सोने की चेन सुरक्षित मिली, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया। इसके अलावा जिस स्कॉर्पियो से वे यात्रा कर रहे थे, उस पर प्रशासन का बोर्ड और हूटर (सायरन) लगा हुआ था। पुलिस का कहना है कि सामान्य तौर पर अपराधी ऐसे वाहन को सरकारी या पुलिस का वाहन समझकर निशाना बनाने से बचते हैं। ऐसे में केवल लूट के उद्देश्य से वारदात होने की संभावना कमजोर पड़ गई। घटना के बाद चालक मिथिलेश कुमार घटनास्थल से फरार हो गया था। बाद में जब पुलिस ने उससे पूछताछ की तो उसके शरीर पर किसी तरह की चोट नहीं मिली। जबकि, यदि वास्तव में बदमाशों ने वाहन को घेरकर हमला किया होता तो चालक के भी जख्मी होने या संघर्ष के निशान मिलने की संभावना थी। इसी आधार पर पुलिस का शक गहराया और उससे लगातार पूछताछ शुरू की गई।

घटना की सूचना मिलते ही औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक उपेंद्र नाथ वर्मा, रोहतास के जिलाधिकारी दीपक मिश्रा व पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी जमुहार मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी ली। पुलिस अब चालक मिथिलेश कुमार से पूछताछ के आधार पर हत्या के पीछे की वास्तविक साजिश, संभावित कारण व अन्य आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है। शुरुआती पूछताछ में मिले इनपुट के आधार पर आने वाले दिनों में मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। ईओ विमल कुमार की हत्या के बाद उनके शव के दानापुर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया और दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। बिहार सर्विस अर्बन एसोसिएशन ने घटना पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों की सुरक्षा और परिवार को मुआवजा देने की मांग की है।

परिजनों से नेताओं व अधिकारियों का मिलना-जुलना भी जारी है। रविवार की रात को बिहार में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने पीड़ित परिवार से मुलाकत कर ईओ विमल कुमार हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की मांग सरकार से की है। वहीं, सोमवार की सुबह राज्य के सहकारिता मंत्री रामकृपाल यादव भी उनके घर पहुंचे। उनके साथ पूर्व पार्षद राजेश शर्मा भी थे। रामकृपाल यादव ने मृतक ईओ विमल कुमार की पत्नी बबीता देवी और परिवार के अन्य सदस्यों से मिलकर घटना की जानकारी ली और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। उन्होंने रोहतास के पुलिस अधीक्षक व अन्य अधिकारियों से फोन पर बात कर घटना की जांच कर अपराधियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही। उन्होंने घटना पर गहरी संवेदना प्रकट की है।

इधर, रोहतास के डेहरी-डालमियानगर नगर परिषद के ईओ विमल कुमार की हत्या के मामले में उनकी पत्नी बबीता देवी ने डेहरी के लोजपा (रामविलास) विधायक राजीव रंजन सिंह उर्फ सोनू सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि विधायक उनके पति को प्रताड़ित करते थे और 50 लाख रुपये तक की मांग करते थे। साथ ही, निष्पक्ष जांच और नार्को टेस्ट की मांग की है। उधर, विधायक सोनू सिंह ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि जनता के कार्यों और शहर के विकास के लिए वे बिहार विधान सभा में मुद्दा उठाते रहे हैं। लेकिन, इसका यह मतलब नहीं कि किसी अधिकारी से उनकी व्यक्तिगत दुश्मनी है। घटना के विरोध में नगर परिषद के कई अधिकारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है और सुरक्षा की गारंटी मिलने तक काम बंद रखने की घोषणा की। अब पूरा मामला पुलिस जांच पर निर्भर है। पत्नी के आरोप और विधायक के जवाब के बीच सच्चाई क्या है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस इस मामले में जांच शुरू कर दी है।

दूसरी ओर बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने मंगलवार यानी 4 अगस्त को राजधानी पटना स्थित सरकारी आवास पर आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डेहरी-डालमियानगर के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) विमल कुमार हत्याकांड में लोजपा (रामविलास) के विधायक सोनू सिंह के खिलाफ जल्द एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि पूरे सरकारी और पुलिस तंत्र का इस्तेमाल विधायक को बचाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध लगातार बढ़ रहे हैं और सम्राट सरकार के लगभग 150 दिनों के कार्यकाल में दो अधिकारियों की हत्या हो चुकी है।

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