पंजाब के राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एनएचएम कर्मचारियों की लंबित वित्तीय मैंगो का समाधान न होने के विरोध में एनएचएम ज्वाइंट फ्रंट पंजाब में सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। फ्रंट के निर्णय के अनुसार आज राज्य के सभी सिविल सर्जन कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन रोष प्रदर्शन करेंगे और काम बंद हड़ताल शुरू की जा रही है।
इस हड़ताल के कारण पंजाब के स्वास्थ्य संस्थान जिसमे नियमित कामकाज प्रभावित होने की आशंका है यूनियन नेताओं ने स्पष्ट किया है कि जब तक सरकार उनकी मांगों का ठोस और संतोषजनक समाधान नहीं करती तब तक हड़ताल और धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जनहित को ध्यान में रखते हुए उन्हें यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है फ्रंट ने यह भी कहा कि हड़ताल के दौरान राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में आने वाली किसी भी बड़ी मुसीबत तथा आम जनता को होने वाली असुविधा के लिए पंजाब सरकार और स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदार होंगे।
4:30 साल से मांगे हैं लंबित
एनएचएम ज्वाइंट फ्रंट पंजाब के नेता सुनील सरगोत्र, गौरव शर्मा और पारस ने बताया कि उन्होंने मिशन डायरेक्टर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन पंजाब को आधिकारिक पत्र भेज कर अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है। उनका कहना है कि कर्मचारी अपनी जायज मांगों को लेकर पिछले करीब 4:30 वर्षों से सरकार और स्वास्थ्य विभाग के साथ लगातार बैठक कर रहे हैं लेकिन कर्मचारियों की मुख्य मांगे अभी भी निम्नलिखित है जैसे पहला समान काम, समान वेतन और नियम लागू किए जाएं दूसरा लंबे समय से रुका हुआ लॉयल्टी बोनस तुरंत जारी किया जाए तीसर कर्मचारियों के वेतन में सम्मानजनक वृद्धि की जाए।
वेतन वृद्धि में ₹1 का भी इजाफा नहीं हुआ
फ्रंट के नेताओं ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि बार-बार की बैठकों और आश्वासनों के बावजूद कर्मचारियों के वेतन में आज तक ₹1 की भी वृद्धि नहीं हुई है ना ही उनकी मांगों के समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठाया गया है। यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि लंबित वित्तीय मैंगो का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा उन्होंने कहा कि इस दौरान आम लोगों को होने वाली किसी भी असुविधा के लिए पंजाब सरकार और स्वास्थ्य विभाग ही पूरी तरह से जिम्मेदार होंगे।






